35 साल की नींव ढही, धनौती नदी पर बना पुल टूटा; गांवों की धड़कनें थमीं, रास्ते हुए बंद

35 साल की नींव ढही, धनौती नदी पर बना पुल टूटा; गांवों की धड़कनें थमीं, रास्ते हुए बंद

बेतिया के मझौलिया प्रखंड में धनौती नदी पर बना 35 साल पुराना गोडा पुल अचानक ढह गया. पुल टूटने से बखरिया चौक एनएच-727 से करमवा और पूर्वी चंपारण का संपर्क पूरी तरह बंद हो गया. स्थानीय लोगों को भारी परेशानी हो रही है और ग्रामीणों ने जल्द नया पुल बनाने की मांग की है.

गोडा पुल गिरने से हजारों लोग का जीवन प्रभावितगोडा पुल गिरने से हजारों लोग का जीवन प्रभावित
क‍िसान तक
  • Bagaha,
  • Jun 09, 2026,
  • Updated Jun 09, 2026, 8:04 AM IST

बेतिया के मझौलिया प्रखंड के लालसरैया इलाके में सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया. यहां धनौती नदी पर बना करीब 35 साल पुराना गोडा पुल अचानक टूटकर गिर गया. पुल का लगभग 10 फीट हिस्सा नदी में समा गया, जिससे बखरिया चौक एनएच-727 से लालसरैया, करमवा और पूर्वी चंपारण को जोड़ने वाला मुख्य रास्ता पूरी तरह बंद हो गया. इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली.

पहले से जर्जर था पुल, फिर भी चलता रहा आवागमन

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुल पिछले छह महीनों से बहुत खराब हालत में था. पुल के बीच में बड़ा गड्ढा बन गया था और उसकी रेलिंग भी टूट चुकी थी. इसके बावजूद लोग मजबूरी में इसी पुल से गुजरते रहे और अपनी जान जोखिम में डालते रहे. ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई.

शिकायत के बावजूद नहीं हुई मरम्मत

करमवा पंचायत के मुखिया पति मोहन गुप्ता ने बताया कि इस पुल को करीब 35 साल पहले बनाया गया था. पुल की खराब हालत को लेकर दो महीने पहले जिला प्रशासन को लिखित शिकायत भी दी गई थी, लेकिन न तो मरम्मत हुई और न ही कोई दूसरा समाधान निकाला गया. इसी लापरवाही के कारण आखिरकार पुल पूरी तरह से ढह गया.

कई पंचायतों का संपर्क टूटा, लोगों को परेशानी

पुल टूटने से आसपास की आधा दर्जन पंचायतों के हजारों लोगों का संपर्क टूट गया है. किसानों को अपनी फसल बाजार तक पहुंचाने में दिक्कत हो रही है, वहीं छात्रों, मरीजों और छोटे व्यापारियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई लोग मजबूरी में नदी के किनारे से किसी तरह रास्ता निकालकर आवागमन कर रहे हैं, जो काफी जोखिम भरा है.

ग्रामीणों की मांग, जल्द बने नया पुल

घटना के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तुरंत वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था करने और जल्द से जल्द नए पुल के निर्माण की मांग की है. लोगों का कहना है कि अगर समय रहते ध्यान दिया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था. अब सभी की नजर प्रशासन पर है कि वह कितनी जल्दी इस समस्या का समाधान करता है और क्षेत्र में आवागमन को फिर से सामान्य बनाता है. (अभिषेक पांडे का इनपुट)

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