
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. आगरा की किरावली तहसील में तैनात लेखपाल वीरपाल सिंह को रिश्वत लेने और शिकायतकर्ता के साथ मारपीट करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. इस मामले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर लेखपाल द्वारा मारपीट की घटना दिखाई दे रही है. वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू कर दी.
मामला ग्राम रायभा निवासी किसान भजन सिंह और मनोज सिंह की शिकायत से जुड़ा है. किसान का कहना है कि उसके गांव में अलग-अलग स्थानों पर कृषि भूमि है, जिसकी पैमाइश कराना जरूरी था. इसके लिए उसने गांव के लेखपाल वीरपाल सिंह से संपर्क किया था. शिकायत के अनुसार, लेखपाल से जुड़े एक व्यक्ति ने खेत की पैमाइश कराने के बदले मिट्टी, गिट्टी और अन्य खर्चों का हवाला देकर पैसे मांगे थे.
किसान का आरोप है कि उसने भरोसा करते हुए मांगी गई रकम दे दी. इसके बाद लेखपाल ने उसके एक खेत की पैमाइश कर दी, लेकिन दूसरे खेत की नाप नहीं की गई. किसान का कहना है कि पैमाइश के बाद लेखपाल ने अपने हस्तलेख में खेत का नक्शा भी तैयार करके उसे दिया था.
शिकायत में कहा गया है कि एक खेत की पैमाइश के बाद किसान लगातार दूसरे खेत की नाप कराने के लिए लेखपाल के संपर्क में रहा. लेकिन हर बार उसे अलग-अलग कारण बताकर टाल दिया गया. किसान का आरोप है कि 23 अप्रैल से लेकर कई सप्ताह तक उसे केवल आश्वासन मिलता रहा, लेकिन उसका काम पूरा नहीं किया गया.
जब किसान ने बार-बार पैमाइश कराने की मांग की तो उसे कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला. इससे वह परेशान हो गया और उसने अधिकारियों से शिकायत करने का फैसला किया.
किसान के अनुसार, 18 मई को वह एक बार फिर लेखपाल से मिला और दूसरे खेत की पैमाइश कराने का अनुरोध किया. इस दौरान लेखपाल ने कथित रूप से कहा कि खेत की नाप केवल सरकारी आदेश मिलने पर ही की जा सकती है. उन्होंने किसान से पहले संबंधित सरकारी आदेश लाने को कहा.
यहीं से विवाद और गहरा हो गया. किसान का कहना है कि यदि सरकारी आदेश के बिना पैमाइश नहीं हो सकती थी, तो फिर पहले खेत की नाप किस आधार पर की गई. इसी सवाल को लेकर उसने तहसीलदार किरावली को लिखित शिकायत सौंपी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की.
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब सोशल मीडिया पर एक 47 सेकंड का वीडियो वायरल हुआ. वीडियो में शिकायतकर्ता के साथ कथित मारपीट की घटना दिखाई देने का दावा किया जा रहा है. मनोज सिंह का आरोप है कि जब वह अपना काम पूरा कराने और पैसे के बारे में बात करने गए, तो उनके साथ मारपीट की गई.
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों में चर्चा शुरू हो गई और प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया.
शिकायत मिलने के बाद किरावली के एसडीएम अभिनव पाठक ने मामले की जांच कराई. जांच के दौरान शिकायतकर्ता और अन्य संबंधित पक्षों के बयान लिए गए. जांच के आधार पर प्रथम दृष्टया लेखपाल वीरपाल सिंह को दोषी पाया गया.
एसडीएम अभिनव पाठक ने बताया कि शुरुआती जांच में आरोप गंभीर पाए गए हैं. इसी आधार पर लेखपाल वीरपाल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विभागीय जांच अभी जारी है और अंतिम निर्णय जांच पूरी होने के बाद लिया जाएगा.
मनोज सिंह का सीधा आरोप है कि लेखपाल ने उनसे ढाई हजार रुपये लिए थे, लेकिन इसके बावजूद उनका काम पूरा नहीं किया गया. उनका कहना है कि जब उन्होंने अपने पैसे और काम के बारे में सवाल किया तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और मारपीट की गई.
फिलहाल प्रशासन मामले की विस्तृत जांच कर रहा है. विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आरोप कितने सही हैं और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी. लेकिन शुरुआती जांच में दोषी पाए जाने के बाद लेखपाल का निलंबन इस बात का संकेत है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है.
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