Purple Potato: एक एकड़ में बैंगनी आलू से 20 लाख तक कमाई, लॉ ग्रेजुएट किसान 45 एकड़ में कर रहा खेती

Purple Potato: एक एकड़ में बैंगनी आलू से 20 लाख तक कमाई, लॉ ग्रेजुएट किसान 45 एकड़ में कर रहा खेती

Potato Farmer Success Story: पंजाब के फरीदकोट का एक 27 वर्षीय लॉ ग्रेजुएट किसान बैंगनी आलू की खेती से नई मिसाल बना रहा है. सामान्य आलू से अलग इस खास किस्म की फसल से प्रति एकड़ 20 लाख रुपये तक की कमाई हो रही है. अब 45 एकड़ में इसकी खेती कर यह किसान कई दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा बन गया है.

Purple Potato FarmingPurple Potato Farming
प्रेम पासी
  • Faridkot,
  • Mar 13, 2026,
  • Updated Mar 13, 2026, 12:10 PM IST

पंजाब के फरीदकोट जिले के छोटे से गांव मत्ता का 27 वर्षीय किसान गुरजोत सिंह आज बैंगनी आलू यानी पर्पल पटोटो की खेती से तगड़ी कमाई कर रहा है. लॉ ग्रेजुएट गुरजोत ने पारंपरिक खेती से अलग रास्ता अपनाकर ऐसी फसल चुनी, जिसकी बाजार में मांग भी ज्यादा है और कीमत भी सामान्य आलू से कई गुना अधिक मिल रही है. इसी वजह से वह अब कई किसानों के लिए प्रेरणा बन चुका है.

25 साल की पारिवारिक खेती से मिली प्रेरणा

गुरजोत सिंह का परिवार करीब 25 वर्षों से आलू की खेती करता आ रहा है. हालांकि, कुछ वर्ष पहले उन्‍होंने दिल्ली और चंडीगढ़ के प्रीमियम रिटेल स्टोरों में बैंगनी आलू को 250 से 400 रुपये प्रति किलो तक बिकते देखा. यहीं से उसके मन में इस खास आलू की खेती करने का विचार आया. जब उन्‍होंने इसके बीज की तलाश की तो देश में आसानी से उपलब्ध नहीं हुआ, जिसके बाद उसने 2022 में बोलीविया से करीब 20 किलो बीज आयात कर परीक्षण के तौर पर खेती शुरू की.

पंजाब की मिट्टी में सफल रहा प्रयोग

प्रारंभिक प्रयोग सफल रहने के बाद गुरजोत ने धीरे-धीरे इसकी खेती का रकबा बढ़ाना शुरू किया. आज वह लगभग 45 एकड़ में पर्पल पटोटो की खेती कर रहे हैं. इसके अलावा कुल मिलाकर लगभग 125 एकड़ में अलग-अलग किस्म के आलू उगा रहे हैं. इनमें पिंटो गोल्ड, एस्मी, इस्मायल और मरियम जैसी किस्में भी शामिल हैं. पंजाब के अलावा दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में भी उसके बैंगनी आलू की सप्लाई जा रही है.

साधारण आलू से कई गुना ज्यादा कमाई

गुरजोत के अनुसार, पर्पल पटोटो की खेती की लागत लगभग सामान्य आलू जितनी ही होती है, लेकिन उत्पादन और कीमत दोनों ज्यादा मिलते हैं. प्रति एकड़ करीब 200 क्विंटल तक उत्पादन हो जाता है. बाजार में जहां साधारण आलू करीब 6 से 7 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, वहीं बैंगनी आलू लगभग 30 रुपये प्रति किलो तक बिक जाता है. इसी वजह से प्रति एकड़ 6 लाख से 20 लाख रुपये तक की कमाई संभव हो रही है.

भारत में भी मिली पहचान

गुरजोत बताते हैं कि इस विशेष आलू को भारत में 2024 में “कुफरी जामनिया” नाम से पेश किया गया है. मूल रूप से यह बोलीविया की फसल है, जहां इसे ब्लू कांगो के नाम से जाना जाता है. इसकी खासियत यह है कि इसकी शेल्फ लाइफ लंबी होती है और इसका छिलका मजबूत होने के कारण इसमें दरार नहीं आती.

स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद

बैंगनी आलू को कई जगह “मेडिसिन पटोटो” भी कहा जाता है. इसमें एंथोसायनिन नामक तत्व होता है, जो इसे बैंगनी रंग देता है. यह शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट का स्रोत माना जाता है. इसका सेवन ब्लड शुगर नियंत्रण और शरीर के नर्वस सिस्टम के लिए लाभकारी बताया जाता है. कम कैलोरी और कम शुगर होने के कारण यह स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.

बागवा‍नी विकास अध‍िकारी ने कही ये बात

हॉर्टिकल्चर डेवलपमेंट अधिकारी डॉ. गुरप्रीत सिंह का कहना है कि बैंगनी आलू पोषण के लिहाज से काफी लाभकारी है. हालांकि, यह अभी पीएयू की आधिकारिक रूप से स्वीकृत किस्म नहीं है, फिर भी इसकी बाजार मांग तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में किसान पारंपरिक फसलों के अलावा नई संभावनाओं की ओर बढ़कर बेहतर आय हासिल कर सकते हैं.

MORE NEWS

Read more!