किसान परिवार की बेटी बनी राजस्थान टॉपर, 600 में से 599 अंक लाकर किया टॉप

किसान परिवार की बेटी बनी राजस्थान टॉपर, 600 में से 599 अंक लाकर किया टॉप

किसान परिवार की बेटी प्रियांशी सुंडा ने राजस्थान बोर्ड 10वीं परीक्षा में टॉप किया. उन्होंने 600 में से 599 अंक हासिल किए और अंग्रेजी को छोड़ सभी विषयों में शत-प्रतिशत अंक पाए. उनकी मेहनत, नियमित रिवीजन और माता-पिता के मार्गदर्शन ने उन्हें प्रदेश की शान बनाया. प्रियांशी की कहानी छात्रों के लिए प्रेरणा है.

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  • Sikar,
  • Mar 25, 2026,
  • Updated Mar 25, 2026, 11:46 AM IST

राजस्थान के सीकर जिले की प्रियांशी सुंडा ने इस साल 10वीं की परीक्षा में प्रदेश में टॉप किया. उन्होंने 600 में से 599 अंक हासिल किए. बस अंग्रेजी में 1 नंबर कम आया. बाकी सभी विषयों में उन्होंने शत-प्रतिशत अंक पाए. प्रियांशी का यह कमाल उनके किसान पिता सीताराम सुंडा और मां सुनीता देवी की मेहनत और सपोर्ट का नतीजा है. प्रियांशी ने कहा कि उन्होंने हमेशा रिवीजन और नियमित अध्ययन पर ध्यान दिया. उन्होंने मोबाइल और टीवी देखा, लेकिन परीक्षा के समय उनका इस्तेमाल कम कर दिया. सोशल मीडिया से दूरी बनाकर उन्होंने पूरी मेहनत पढ़ाई में लगाई. टाइम मैनेजमेंट और कॉन्सेप्ट क्लियर करना उनकी सफलता की बड़ी वजह थी.

माता-पिता और शिक्षकों का योगदान

प्रियांशी ने सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, स्कूल के डायरेक्टर बीएल रणवां और सभी शिक्षकों को दिया. उन्होंने कहा कि इनके मार्गदर्शन के बिना यह संभव नहीं होता. बीएल रणवां ने बताया कि उनके स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों का ओवरऑल डेवलपमेंट और खेलों पर भी ध्यान दिया जाता है.

राजस्थान बोर्ड के 10वीं रिजल्ट की खास बातें

इस बार राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 10वीं, 8वीं और 5वीं की परीक्षाओं का रिजल्ट एक साथ जारी किया. 10वीं में प्रियांशी 99.83 प्रतिशत अंक लेकर टॉपर बनीं. सीकर जिले का कुल परिणाम 97.43 प्रतिशत रहा. पिछले साल सीकर ने झुंझुनूं को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल किया था. इस बार झुंझुनूं 97.77 प्रतिशत अंक के साथ पहले स्थान पर रहा. डीडवाना-कुचामन जिला 97.59 प्रतिशत अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा.

बेटियां बेटों से निकल रहीं आगे

इस बार भी छात्राओं ने छात्र से बेहतर प्रदर्शन किया. जिले में कुल 66 प्रतिशत छात्रों ने प्रथम श्रेणी हासिल की, जबकि छात्राओं में यह आंकड़ा 74 प्रतिशत रहा. 8वीं और 5वीं बोर्ड में भी सीकर जिला टॉप-5 में शामिल रहा.

क्या था प्रियांशी की पढ़ाई का तरीका?

प्रियांशी ने बताया कि उन्होंने समय का सही इस्तेमाल किया. पढ़ाई के साथ उन्होंने छोटे-छोटे ब्रेक लिए. परीक्षा के पहले दिन तक लगातार रिवीजन किया. उन्होंने कहा, “दोस्ती सिर्फ अपने मतलब की नहीं, मेहनत और रिवीजन सबसे जरूरी है.” उनकी यह सीख सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है.

आगे की तैयारी

प्रियांशी अब आगे 12वीं की पढ़ाई में भी अच्छे अंक पाने की तैयारी कर रही हैं. उनका सपना है कि वह एक अच्छी नौकरी और पढ़ाई में सफलता हासिल करें. उन्होंने कहा कि मेहनत, समय और माता-पिता का मार्गदर्शन हमेशा मदद करता है.

जिले का रिजल्ट और प्रतियोगिता

सीकर जिले ने इस बार 10वीं में तीसरा स्थान हासिल किया. पिछले साल सीकर ने झुंझुनूं को पीछे छोड़ा था. लेकिन इस बार झुंझुनूं और डीडवाना-कुचामन ने थोड़े अंतर से आगे निकल गए. छह साल से सीकर, झुंझुनूं और नागौर जिले के बीच अच्छे परिणाम की होड़ चल रही है. (राकेश गुर्जर का इनपुट)

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