Organic Farming: पंजाब ने निकाली सस्‍ती खेती की राह, किसानों को कम कीमत पर मिल रहे बायो-फर्टिलाइजर 

Organic Farming: पंजाब ने निकाली सस्‍ती खेती की राह, किसानों को कम कीमत पर मिल रहे बायो-फर्टिलाइजर 

बायो-फर्टिलाइजर किसानों के लिए रासायनिक उर्वरकों का एक सुरक्षित और किफायती विकल्प है. अगर किसान इसे कम कीमत पर खरीदना चाहते हैं तो वे पीएयू के इनफॉर्मेशन एंड बायो-टेक्‍नोलॉजी डिपार्टमेंट में स्थित बीज की दुकान से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा पंजाब के कृषि विज्ञान केंद्रों और पीएयू द्वारा आयोजित किसान मेलों में भी बायो-फर्टिलाइजर कम दामों पर उपलब्ध कराया जाता है.

क‍िसान तक
  • New Delhi ,
  • Jan 03, 2026,
  • Updated Jan 03, 2026, 8:00 AM IST

रासायनिक उर्वरकों पर बढ़ती निर्भरता और लागत से परेशान किसानों के लिए बायो फर्टिलाइजर एक बेहतर और टिकाऊ विकल्प बनकर सामने आ रहा है. खास बात यह है कि पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) की ओर से किसानों को बायो फर्टिलाइजर सस्ती कीमत पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे न केवल खेती की लागत घटेगी, बल्कि मिट्टी की सेहत भी लंबे समय तक बनी रहेगी. किसानों को बायो-फर्टिलाइजर सस्ती दरों पर उपलब्ध कराने के लिए पंजाब कृषि विश्वविद्यालय लगातार प्रयास कर रहा है. 

बायो-फर्टिलाइजर के कितने फायदे  

अगर किसान अपने खेतों में बायो फर्टिलाइजर का इस्तेमाल करते हैं तो उन्हें कई तरह के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिलते हैं. इसका प्रयोग बीज उपचार, पौध उपचार और सीधे मिट्टी में किया जा सकता है. बीज या पौध उपचार के समय इसका इस्तेमाल करने से अंकुरण बेहतर होता है और पौधे की शुरुआती वृद्धि मजबूत रहती है. मिट्टी में बायो-फर्टिलाइजर डालने से पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ती है. इससे फसल का विकास तेजी से होता है और उत्पादन क्षमता में सुधार देखा जाता है. सबसे अहम बात यह है कि इससे मिट्टी की जैविक गुणवत्ता बनी रहती है और लंबे समय तक भूमि उपजाऊ रहती है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बायो-फर्टिलाइजर वायुमंडलीय नाइट्रोजन को स्थिर करने में मदद करता है और फास्फोरस को घुलनशील बनाता है. इससे  पौधों को जरूरी पोषण आसानी से मिल पाता है. यह पूरी तरह पर्यावरण-अनुकूल होता है और इससे किसी तरह का प्रदूषण नहीं फैलता. 

किन फसलों में कर सकते हैं प्रयोग 

बायो फर्टिलाइजर का उपयोग कई प्रकार की फसलों में किया जा सकता है. जानकारी के मुताबिक यह करीब 22 फसलों के लिए तैयार किया गया है. इसमें रबी सीजन की प्रमुख फसलें शामिल हैं, जैसे गेहूं, चना, मटर, सरसों, गोभी और सूरजमुखी. इसके अलावा खरीफ और अन्य फसलों में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. इनमें धान, मक्का, मसूर, मूंग, अरहर, सोयाबीन, उड़द, बरसीम, रेपसीड और गन्ना शामिल हैं. सब्जी फसलों के साथ-साथ हल्दी, आलू और प्याज की खेती में भी बायो-फर्टिलाइजर लाभकारी साबित हो रहा है.पीयू की तरफ से उत्‍पादकता बढ़ाने के मकसद से सस्‍ती दरों पर इसे मुहैया कराया जा रहा है. 

रासायनिक उर्वरकों का सुरक्षित विकल्‍प  

पीएयू के अनुसार बायो-फर्टिलाइजर किसानों के लिए रासायनिक उर्वरकों का एक सुरक्षित और किफायती विकल्प है. अगर किसान इसे कम कीमत पर खरीदना चाहते हैं तो वे पीएयू के इनफॉर्मेशन एंड बायो-टेक्‍नोलॉजी डिपार्टमेंट में स्थित बीज की दुकान से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा पंजाब के कृषि विज्ञान केंद्रों और पीएयू द्वारा आयोजित किसान मेलों में भी बायो-फर्टिलाइजर कम दामों पर उपलब्ध कराया जाता है. इतना ही नहीं इन केंद्रों पर किसानों को बायो-फर्टिलाइजर के सही और वैज्ञानिक इस्तेमाल की पूरी जानकारी भी दी जाती है ताकि वे इसका अधिकतम लाभ उठा सकें. 

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