Oats Variety: PAU ने बनाई जई की स्वदेशी किस्म OL16, पशुचारे और अनाज दोनों के लिहाज से खास, पढ़ें डिटेल

Oats Variety: PAU ने बनाई जई की स्वदेशी किस्म OL16, पशुचारे और अनाज दोनों के लिहाज से खास, पढ़ें डिटेल

PAU ने जई की स्वदेशी किस्म OL16 विकसित की है, जो चारे और अनाज दोनों में बेहतर उत्पादन देती है. इसमें उच्च बीटा-ग्लूकान होने से यह किसानों के साथ उपभोक्ताओं के लिए भी खास मानी जा रही है.

PAU Oats variety PAU Oats variety
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jan 06, 2026,
  • Updated Jan 06, 2026, 3:38 PM IST

देश में जई (Oats) की खेती अब तक बड़े पैमाने पर आयातित किस्मों पर निर्भर रही है, लेकिन इस तस्वीर को बदलने की दिशा में पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी ने एक बड़ा कदम उठाया है. PAU ने भारत की पहली उच्च गुणवत्ता वाली स्वदेशी जई किस्म OL16 विकसित की है, जो पशु चारे के साथ-साथ मानव उपभोग के लिए भी उपयुक्त मानी जा रही है. विश्वविद्यालय के अधिकारियों के अनुसार, यह किस्म किसानों को गेहूं और धान जैसी पारंपरिक फसलों के विकल्प के रूप में एक नया रास्ता दिखा सकती है.

90 क्विंटल प्रति एकड़ चारे की पैदावार

PAU के प्लांट ब्रीडिंग एंड जेनेटिक्स विभाग द्वारा विकसित OL16 ने फील्ड ट्रायल्स में उत्साहजनक नतीजे दिए हैं. बुवाई के 65 से 70 दिनों के भीतर काटे जाने पर यह किस्म औसतन 90 क्विंटल प्रति एकड़ हरा चारा देती है, जो डेयरी और पशुपालन से जुड़े किसानों के लिए बेहद उपयोगी है. अगर फसल को पूरी तरह पकने दिया जाए तो इससे मध्यम ऊंचाई के पौधों के साथ करीब 7.6 क्विंटल प्रति एकड़ उच्च गुणवत्ता वाला जई का अनाज भी प्राप्त होता है.

पोषण के लिहाज से बहुत खास है OL16 किस्‍म

'दि ट्रिब्‍यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, OL16 की सबसे बड़ी खासियत इसका पोषण स्तर है. इस किस्म में करीब 5.5 प्रतिशत बीटा-ग्लूकान पाया गया है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर की जई की गुणवत्ता का अहम मानक माना जाता है. प्रि‍ंसिपल ब्रीडर राहुल कपूर ने कहा कि बीटा-ग्लूकान खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है, जिससे यह किस्म स्वास्थ्य के लिहाज से भी महत्वपूर्ण बन जाती है.

विवि को 36 क्विंटल ब्रीडर सीड का ऑर्डर मिला

केंद्र सरकार ने भी इस किस्म में रुच‍ि दिखाई है, जो इस बात का संकेत है कि OL16 को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने की तैयारी है. पहले ही 36 क्विंटल ब्रीडर सीड का ऑर्डर दिया जा चुका है, जिससे आने वाले समय में इसके बीज बड़े पैमाने पर किसानों तक पहुंच सकते हैं.

किसानों की कमाई के खुलेंगे रास्‍ते

PAU के कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने कहा कि OL16 पंजाब ही नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों की खेती में भी बदलाव ला सकती है. चारा और अनाज दोनों देने वाली यह किस्म फसल विविधीकरण को बढ़ावा देगी और किसानों की आय के नए स्रोत खोलेगी.

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