हरियाणा में खाद को लेकर हुई समीक्षा बैठक, कृषि मंत्री ने बताया कैसे होगा बंटवारा, जान लें ये जरूरी बातें

हरियाणा में खाद को लेकर हुई समीक्षा बैठक, कृषि मंत्री ने बताया कैसे होगा बंटवारा, जान लें ये जरूरी बातें

हरियाणा सरकार ने खरीफ सीजन से पहले खाद उपलब्धता को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं. कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को खाद के लिए इंतजार न करना पड़े. सरकार ने स्टॉक, वितरण और जमाखोरी रोकने पर सख्ती के संकेत दिए हैं.

Fertilizer Distribution HaryanaFertilizer Distribution Haryana
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jun 10, 2026,
  • Updated Jun 10, 2026, 6:10 PM IST

हरियाणा में खरीफ सीजन से पहले खाद की उपलब्धता को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में खाद की किसी भी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सीजन शुरू होने से पहले पर्याप्त स्टॉक, आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पूरी तरह तैयार रखी जाए, ताकि किसानों को समय पर खाद मिल सके और उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.

स्टॉक और मांग की स्थिति की विस्तार से समीक्षा

चंडीगढ़ स्थित कार्यालय में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, हैफेड और खाद उत्पादक व विक्रेता कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. बैठक के दौरान मंत्री ने प्रदेश में उपलब्ध खाद के मौजूदा स्टॉक, आगामी खरीफ सीजन की संभावित मांग और आपूर्ति व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली. साथ ही अधिकारियों और कंपनियों से वितरण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुझाव भी मांगे गए.

‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल के आधार पर होगा वितरण

कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने निर्देश दिए कि पिछले वर्ष अपनाई गई पारदर्शी व्यवस्था को आगे भी जारी रखा जाए. उन्होंने कहा कि खाद का वितरण इस बार भी ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर दर्ज फसल और रकबे के आधार पर किया जाए. उन्‍हाेंने कहा कि इससे वास्तविक किसानों तक खाद की पहुंच सुनिश्चित होगी और जरूरी दबाव या वितरण संबंधी अव्यवस्था को रोका जा सकेगा.

जमाखोरी और कालाबाजारी पर सरकार का सख्त रुख

बैठक में किसानों के हितों की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया. कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फील्ड स्तर पर लगातार निगरानी रखें और खाद विक्रेताओं के स्टॉक की नियमित जांच करें. उन्होंने चेतावनी दी कि जमाखोरी या कालाबाजारी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी. अगर कोई डीलर या दुकानदार इसमें शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

सिंचाई और खाद उपयोग में आधुनिकी अपनाने की सलाह

बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने अपने कृषि अनुभव साझा करते हुए अधिकारियों को आधुनिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि किसान पारंपरिक तरीकों के बजाय फव्वारा सिंचाई पद्धति अपनाएं और पानी के साथ खाद को पौधों की जड़ों तक पहुंचाने की तकनीक को बढ़ावा दें. इससे पानी की बचत होगी और पौधों को संतुलित मात्रा में पोषक तत्व मिलने से उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार हो सकता है.

कंपनियों ने समय पर आपूर्ति का दिया भरोसा

बैठक में शामिल खाद उत्पादक और विक्रेता कंपनियों के प्रतिनिधियों ने राज्य में खाद की निर्बाध उपलब्धता बनाए रखने का भरोसा दिया. उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार की नीति के अनुरूप काम करते हुए जिला स्तर तक समय पर खाद पहुंचाने में पूरा सहयोग दिया जाएगा. बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार, विभाग के महानिदेशक राजनारायण कौशिक, हैफेड के प्रबंध निदेशक अनीश यादव सहित कई वरिष्ठ और तकनीकी अधिकारी मौजूद रहे.

MORE NEWS

Read more!