
हरियाणा में खरीफ सीजन से पहले खाद की उपलब्धता को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में खाद की किसी भी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सीजन शुरू होने से पहले पर्याप्त स्टॉक, आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पूरी तरह तैयार रखी जाए, ताकि किसानों को समय पर खाद मिल सके और उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
चंडीगढ़ स्थित कार्यालय में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, हैफेड और खाद उत्पादक व विक्रेता कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. बैठक के दौरान मंत्री ने प्रदेश में उपलब्ध खाद के मौजूदा स्टॉक, आगामी खरीफ सीजन की संभावित मांग और आपूर्ति व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली. साथ ही अधिकारियों और कंपनियों से वितरण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुझाव भी मांगे गए.
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने निर्देश दिए कि पिछले वर्ष अपनाई गई पारदर्शी व्यवस्था को आगे भी जारी रखा जाए. उन्होंने कहा कि खाद का वितरण इस बार भी ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर दर्ज फसल और रकबे के आधार पर किया जाए. उन्हाेंने कहा कि इससे वास्तविक किसानों तक खाद की पहुंच सुनिश्चित होगी और जरूरी दबाव या वितरण संबंधी अव्यवस्था को रोका जा सकेगा.
बैठक में किसानों के हितों की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया. कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फील्ड स्तर पर लगातार निगरानी रखें और खाद विक्रेताओं के स्टॉक की नियमित जांच करें. उन्होंने चेतावनी दी कि जमाखोरी या कालाबाजारी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी. अगर कोई डीलर या दुकानदार इसमें शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने अपने कृषि अनुभव साझा करते हुए अधिकारियों को आधुनिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि किसान पारंपरिक तरीकों के बजाय फव्वारा सिंचाई पद्धति अपनाएं और पानी के साथ खाद को पौधों की जड़ों तक पहुंचाने की तकनीक को बढ़ावा दें. इससे पानी की बचत होगी और पौधों को संतुलित मात्रा में पोषक तत्व मिलने से उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार हो सकता है.
बैठक में शामिल खाद उत्पादक और विक्रेता कंपनियों के प्रतिनिधियों ने राज्य में खाद की निर्बाध उपलब्धता बनाए रखने का भरोसा दिया. उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार की नीति के अनुरूप काम करते हुए जिला स्तर तक समय पर खाद पहुंचाने में पूरा सहयोग दिया जाएगा. बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार, विभाग के महानिदेशक राजनारायण कौशिक, हैफेड के प्रबंध निदेशक अनीश यादव सहित कई वरिष्ठ और तकनीकी अधिकारी मौजूद रहे.