
यूपी के संभल में खाद की कमी को लेकर सरकारी समिति पर भगदड़ मच गई. यहां DAP खाद लेने के लिए किसानों में भगदड़ हो गई. इस दौरान कई किसानों को हल्की चोटें आई हैं. इस मामले में संभल के डीएम राजेंद्र पेंसिया ने कहा कि सरकारी समिति पर अन्य जगहों से किसान आए जिस वजह से भीड़ अधिक बढ़ गई. दूसरी ओर चोटिल किसानों ने कहा कि सरकारी समिति पर DAP खाद नहीं मिल रही है जिससे किसानों में अफरा-तफरी मच गई. डीएम ने बताया कि इस घटना में महिला किसानों को भी हल्की चोटें आई हैं.
दूसरी ओर यूपी के ही बांदा जिले में डीएपी के लिए मारामारी देखी जा रही है. खाद के लिए किसानों में हाहाकार मचा हुआ है. किसान दर दर की ठोकरें खा रहे हैं. उनकी कोई सुनने वाला नहीं है. इसी क्रम में बुधवार को DAP खाद न मिलने और बुवाई लेट होने से परेशान किसानों ने नेशनल हाइवे जाम करके जमकर हंगामा किया. इसमें महिला किसान भी शामिल रहीं. जिला कृषि अधिकारी मनोज गौतम ने बताया कि ट्रेन की जो रैक आई थी, वो खत्म हो गई है, जिसकी वजह से खाद नहीं बंट पा रही है.
कृषि अधिकारी ने कहा कि प्राइवेट दुकानों में खाद उपलब्ध है. रेट टू रेट बांटने के लिए डीएम के द्वारा टीम बनाई गई है. बुधवार को मंडी समिति में खाद नहीं थी, जिससे बंटी नहीं. इसलिए किसानों ने जाम लगा दिया. हमारी रैक दो दिनों बाद उड़ीसा से आ जाएगी, जिसके बाद सभी किसानों को खाद उपलब्ध कराई जाएगी.
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यूपी से ही खाद की अगली खबर सुल्तानपुर जिले से है. यहां किसान डीएपी खाद के लिए परेशान हैं और दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं. यहां कई खाद की दुकानें बंद पड़ी हैं. किसान प्राइवेट दुकानों से महंगे रेट पर खाद खरीदने के लिए मजबूर हैं. वहीं जिला कृषि अधिकारी की मानें तो जिले में 2150 मीट्रिक टन डीएपी और 1250 मीट्रिक टन एपीके खाद मौजूद है. इसके साथ ही लगातार रैक आ रही है, जहां जहां समितियों पर खाद की परेशानी है वहां वहां खाद उपलब्ध करवाई जा रही है. जिला कृषि अधिकारी बताते हैं कि कालाबाजारी की जानकारी मिलते ही उनके खिलाफ एफआईआर और सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है.
उधर मध्य प्रदेश में भी खाद के लिए हाहाकार देखा जा रहा है. मध्यप्रदेश के विदिशा में रबी सीजन के लिए खाद की भारी कमी देखी जा रही है. जिला प्रशासन ने टोकन सिस्टम लागू किया है लेकिन उसके बावजूद स्थिति नियंत्रण में नहीं है. टोकन लेने के लिए ही किसानों में धक्का-मुक्की और मारपीट हो रही है. ग्यारसपुर और सिरोंज में टोकन और खाद वितरण के दौरान हालात बहुत ख़राब हो गए. धक्का-मुक्की से शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया. ग्यारसपुर में तो बड़ी मुश्किल से सिर्फ़ 200 किसानों को ही टोकन मिल पाए, जबकि वितरण केंद्र 400 किसान पहुंच गए.
विदिशा में किसानों का कहना है कि जिले में डीएपी खाद की बहुत कमी है. जबकि इस समय उन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है. हर किसान लाइन में सबसे आगे आना चाहता है. खाद की कमी की वजह से हर दिन इस तरह की स्थिति बन रही है. वही इस मामले में एसडीएम शर्मा ने बताया कि व्यवस्था बनाई जा रही है. किसानों को टोकन पर्ची दी जा रही है जिससे कि व्यवस्था बन सके. खाद की कोई कमी नहीं है केवल अधिक भीड़ होने के कारण दिक्कत हो रही है. जिन किसानों को आज खाद नहीं मिल पाएगा, उन्हें टोकन दिया जाएगा जो कि अगले दिन आकर अपना खाद ले सकते हैं.
अगली खबर मध्य प्रदेश के मैहर जिले की है जहां खाद की कालाबाजारी का खुलासा हुआ. यहां कृषि विभाग की टीम ने छापा मारकर 365 बोरी खाद की जब्त की. टीकमगढ़ जिले में भी खाद के लिए अफरा-तफरी का माहौल है. यहां की बड़ी कृषि उपज मंडी में खाद वितरण केंद्र पर लाईन में लगी लड़की नेहा लोधी के साथ महिला पुलिस कांस्टेबल विवाद हो गया. लड़की नेहा लोधी ने महिला कांस्टेबल पर मारपीट का आरोप लगाया है. लड़की के परिजन और खाद लेने आए लोगों ने जमकर हंगामा किया.
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इस तरह की घटनाओं पर सरकार का भी बयान आया है. केंद्रीय कृषि मंत्री भगीरथ चौधरी ने बयान दिया है. भागीरथ चौधरी ने कहा कि खाद की शॉर्टेज है हम मानते हैं, लेकिन पूर्ति के लिए भारत सरकार तत्पर है. प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों की समृद्धि के लिए कई काम किए हैं. समृद्ध किसान ही प्रधानमंत्री मोदी का सपना है. मंत्री ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि जो पार्टी 70 साल तक गरीबी हटाओ का नारा देती थी, उसने गरीबी नहीं बल्कि गरीबों को ही हटा दिया.(अनूप, सिद्धार्थ गुप्ता, नितिन श्रीवास्तव, विवेक सिंह ठाकुर का इनपुट)