AQI खराब होने से आपका गार्डन भी हो सकता है तबाह, जानें सारे फैक्ट और रखें ध्यान 

AQI खराब होने से आपका गार्डन भी हो सकता है तबाह, जानें सारे फैक्ट और रखें ध्यान 

AQI यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स हवा में मौजूद प्रदूषकों की मात्रा बताता है. PM 2.5, PM 10, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और ओज़ोन जैसे तत्व हवा को जहरीला बनाते हैं. जब इनकी मात्रा बढ़ती है, तो पौधों की पत्तियों पर एक परत जमा हो जाती है. यह परत सूर्य की रोशनी को पत्तियों तक पहुंचने से रोकती है, जिससे पौधे ठीक से फोटो सिंथेसिस (प्रकाश संश्लेषण) नहीं कर पाते.

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क‍िसान तक
  • New Delhi ,
  • Nov 14, 2025,
  • Updated Nov 14, 2025, 11:54 AM IST

राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्‍ली समेत एनसीआर के कई शहरों की हवा बेहद खराब है और एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्‍यूआई) तेजी से खराब हो रहा है. जहरीली हवा या स्‍मॉग न सिर्फ इंसानों की सेहत पर असर डाल रही है, बल्कि आपके गार्डन, पौधों और पूरे घर की हरियाली के लिए भी खतरा बन चुकी है. अगर लंबे समय तक हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ा रहे तो पौधे तेजी से कमजोर होते हैं, उनकी ग्रोथ रुक जाती है और कई बार वो मुरझा भी जाते हैं और मर भी जाते हैं. इसलिए यह समझना जरूरी है कि एक्‍यूआई खराब होने से गार्डन को क्या नुकसान होता है और इससे कैसे बचाव किया जा सकता है.

क्या है AQI और कैसे डालता है पौधों पर असर 

AQI यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स हवा में मौजूद प्रदूषकों की मात्रा बताता है. PM 2.5, PM 10, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और ओज़ोन जैसे तत्व हवा को जहरीला बनाते हैं. जब इनकी मात्रा बढ़ती है, तो पौधों की पत्तियों पर एक परत जमा हो जाती है. यह परत सूर्य की रोशनी को पत्तियों तक पहुंचने से रोकती है, जिससे पौधे ठीक से फोटो सिंथेसिस (प्रकाश संश्लेषण) नहीं कर पाते. जब पौधा को जरूरी रोशनी और ऑक्सीजन नहीं मिल पाती तो उसकी ग्रोथ धीरे-धीरे रुक जाती है. कई पौधों में काले धब्बे, पत्तियों का मुरझाना और फूल-फल का ना लगना जैसी समस्याएं दिखने लगती हैं. 

स्‍मॉग का पौधों की हेल्‍थ पर असर 

  • हवा में मौजूद धूल, स्मॉग और केमिकल्स पत्तियों को ढक लेते हैं. इससे पौधे सांस नहीं ले पाते. 
  • पत्तियां फीकी पड़ जाती हैं और उनकी चमक खत्म हो जाती है.
  • प्रकाश संश्लेषण कम होने से पौधे अपनी जरूरत की ऊर्जा नहीं बना पाते. 
  • इससे नई पत्तियां नहीं आतीं, पौधे छोटे रह जाते हैं और जड़ों की ग्रोथ भी कमजोर हो जाती है.
  • नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और ओज़ोन पौधों की पत्तियों में जलन पैदा करते हैं. 
  • पत्तियों के किनारे भूरे या काले हो जाते हैं और समय के साथ पूरा पत्ता सूख जाता है.
  • पौधे जब कमजोर हो जाते हैं, तो उनमें फूल और फल बनना बंद हो जाता है. 
  • किचन गार्डन में बैंगन, मिर्च, टमाटर जैसी सब्जियों की पैदावार काफी कम हो जाती है.
  • प्रदूषण के कारण पौधे तनाव में आ जाते हैं, जिससे उन्हें पानी की ज्यादा जरूरत होती है. 
  • लेकिन कभी-कभी पत्तियों पर धूल जमने से पानी भी पूरी तरह ऑब्‍जर्व नहीं हो पाता है. 

किन पौधों को होता सबसे ज्‍यादा नुकसान 

  • तुलसी
  • मनी प्लांट
  • गुलाब
  • एलोवेरा
  • सब्जी वाले पौधे (टमाटर, मिर्च, भिंडी)
  • पाम प्लांट
  • फर्न

खराब AQI में कैसे बचाएं गार्डन

  • स्प्रे बोतल से पत्तियों पर हल्का पानी छिड़कें. इससे जमा धूल हट जाएगी और पौधे फिर से सांस ले पाएंगे.
  • पौधों की जड़ों के आसपास सूखे पत्ते, कोकोपीट या भूसा डालें. इससे मिट्टी में नमी बरकरार रहेगी.
  • स्मॉग में तेज धूप और धूल पौधों को नुकसान पहुंचाती है. इसलिए सुबह 8 बजे से पहले या शाम 5 बजे के बाद पानी दें.
  • सीवीड लिक्विड, नीम ऑइल या पोटाशियम बाइकार्बोनेट स्प्रे पौधों को प्रदूषण के प्रभाव से बचाते हैं.
  • अगर AQI बहुत खराब (300+) है, तो इनडोर प्‍लांट्स जैसे स्नेक प्लांट, एरेका पाम जैसे पौधों को घर के अंदर रखें.
  • हर 15 दिन में लिक्विड खाद दें—जैसे सीवीड लिक्विड, ह्यूमिक एसिड, गोमूत्र, नीम खली, ये पौधों की इम्‍युनिटी को बढ़ाते हैं.

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