Winter Food: सर्दी हो या जुकाम, ठंड में करें इन 5 चीजों का सेवन, जानें कौन-कौन सी 

Winter Food: सर्दी हो या जुकाम, ठंड में करें इन 5 चीजों का सेवन, जानें कौन-कौन सी 

सर्दी का मौसम आते ही शरीर की जरूरतें भी बदल जाती हैं. ठंड, कोहरा और गिरता तापमान इम्युनिटी पर सीधा असर डालता है.ऐसे में खान-पान में थोड़ी-सी समझदारी कई बड़ी बीमारियों से बचा सकती है. आयुर्वेद और पोषण विशेषज्ञ भी सर्दियों में इन पांच चीजों के सेवन की सलाह दी गई है. इन खास प्राकृतिक चीजों को रोजमर्रा की डाइट में शामिल करके आप ठंड के असर को कम कर शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रख सकते हैं.

क‍िसान तक
  • New Delhi ,
  • Jan 01, 2026,
  • Updated Jan 01, 2026, 2:53 PM IST

सर्दी का मौसम आते ही शरीर की जरूरतें भी बदल जाती हैं. ठंड, कोहरा और गिरता तापमान इम्युनिटी पर सीधा असर डालता है.ऐसे में खान-पान में थोड़ी-सी समझदारी कई बड़ी बीमारियों से बचा सकती है. इस मौसम में जिन चीजों का सेवन किया जाता है, वो न सिर्फ शरीर को अंदर से गर्म रखती हैं बल्कि पाचन को दुरुस्त करती हैं. आज हम आपको ऐसी 5 चीजों के बारे में बताते हैं जो इम्युनिटी मजबूत करने के अलावा मौसम से होने वाले इनफेक्‍शन से भी बचाने में अहम भूमिका निभाती हैं. 

क्‍या कहता है आयुर्वेद 

आयुर्वेद और पोषण विशेषज्ञ भी सर्दियों में इन पांच चीजों के सेवन की सलाह दी गई है. इन खास प्राकृतिक चीजों को रोजमर्रा की डाइट में शामिल करके आप ठंड के असर को कम कर शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रख सकते हैं. इन 5 चीजों के नाम इस तरह से हैं- 

लहसुन

लंबे समय से माना जाता है कि लहसुन में एंटी-बैक्‍टीरियल गुण पाए जाते हैं. लहसुन में मौजूद तत्‍व बैक्टीरिया के विरुद्ध प्रभावी है.आमतौर पर लहसुन का सेवन सुरक्षित है लेकिन इसके बहुत ज्‍यादा सेवन से बचना चाहिए.किसी घाव या दाग-धब्बे पर सीधे लहसुन का तत्‍व लगाया जा सकता है. इसकी तासीर गर्म होती है और इस वजह से इसका प्रयोग गर्मी में करने से बचाना चाहिए. 

अजवायन

इसके तेल में पाए जाने वाला तत्‍व कार्वाकोल मेन मेडिशिनल प्रॉार्टी है. यह गैस्ट्रिक अल्सर को ठीक करने और सूजन कम करने में मदद करता है. अजवायन के तेल का सीधा सेवन या सीधे स्किन पर प्रयोग नहीं करना चाहिए.त्वचा पर लगाने के लिए इसे किसी वाहक तेल जैसे जैतून या नारियल के तेल में मिलाकर उपयोग करना चाहिए. साइनस इनफेक्‍शन में अजवायन के तेल की कुछ बूंदें हवा में फैलाई जा सकती हैं. 

हल्दी

करक्यूमिन के कारण हल्दी एक नैचुरल एंटीबायोटिक है और कई तरह की बैक्टीरिया, फंगस और वायरस को रोकती है. करक्यूमिन, बैक्टीरिया के सेल्‍स को रोकता है और प्रोटीन और डीएनए संश्लेषण को सुधारता है. साथ ही कई तरह के बैक्‍टीरिया की कई हानिकारक प्रजातियों से लड़ सकता है. हल्दी को पारंपरिक रूप से कुछ संक्रमणों के लिए एक सुरक्षित व प्रभावी उपचार माना जाता रहा है. सर्दी-जुकाम की स्थिति में हल्दी का पाउडर गर्म दूध में मिलाकर पीने से राहत मिलती है. चोट लगने पर हल्दी का पाउडर सीधे जख्म पर लगाने से बैक्टीरिया की वृद्धि रुकती है और चोट जल्दी ठीक होती है. 

अदरक

वैज्ञानिक समुदाय अदरक को प्राकृतिक एंटीबायोटिक मानता है. इसमें एंटी-बैक्‍टीरियल गतिविधि के अलावा एंटीऑक्सीडेंट, एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीकोआगुलेंट गुण भी होते हैं.अदरक स्ट्रेप्टोकोकस म्यूटन्स, एंटरोकोकस फेकैलिस, स्टैफिलोकोकस प्रजाति और लैक्टोबैसिलस सहित विभिन्न बैक्टीरिया को प्रभावी ढंग से रोक सकता है.

लौंग 

ये सूखे फूल की कलियां होती हैं जिनका प्रयोग मसाले के तौर पर किया जाता है. लौंग के तेल में स्टैफिलोकोकस ऑरियस के विरुद्ध मजबूत प्रतिरोध प्रभाव होता है. लौंग के अर्क में एंटी-बैक्‍टीरियल प्रॉपर्टीज होती हैं. 
 

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