हमारे देश में बड़े पैमाने में लोग होम गार्डनिंग करने वाले लोग होम गार्डनिंग से जुड़ने लगे हैं. अगर आप भी गार्डनिंग में दिलचस्पी रखते हैं तो यकीन मानिए आप बाजार में मिलने वाले उत्पादों से अधिक अच्छा उत्पाद घर पर उगा रहे हैं. आपको बता दें कि घर में उगाए गए फल-सब्जी या मसालों को ऑर्गेनिक तरीके से उगाते हैं तो इसकी गुणवत्ता अधिक अच्छी होती है. गार्डन को पूरी तरह से ऑर्गेनिक बनाए रखने के लिए केमिकल खाद और कीटनाशक का इस्तेमाल ना करने की सलाह दी जाती है. खाद के बारे में तो आप सब जानते हैं लेकिन ऑर्गेनिक कीटनाशक के बारे में अधिक लोग नहीं जानते हैं.
घर में ऑर्गेनिक कीटनाशकों के कई ऑप्शन होते हैं. ऑर्गेनिक कीटनाशक केमिकल फ्री होते हैं जिसके चलते पौधों में लगे फलों की गुणवत्ता बेहतर होती है जो हमारी हेल्थ के लिए भी काफी फायदेमंद है. आइए जान लेते हैं कि घर में कौन-कौन से कीटनाशक बनाए जा सकते हैं.
नीम के तेल का स्प्रे सबसे खास ऑर्गेनिक कीटनाशक माना जाता है. नीम का तेल घर में बना पाना आसान नहीं होता है इसलिए ये तेल आप बाजार से खरीद सकते हैं. 01 लीटर गर्म पानी में 2 चम्मच तेल और 2-3 बूंद हल्का डिशवॉशिंग लिक्विड मिलाकर एक शीशी में भरकर स्प्रे करें. इससे कीट नहीं लगेंगे.
लहसुन और मिर्च से बना कीटनाशक सालों पुराना देसी नुस्खा रहा है. इसके बहुत से फायदे भी बताए जाते हैं. इसको बनाने के लिए 4-5 लहसुन की कलियां और 2-3 तीखी मिर्च को 1 लीटर पानी में ब्लेंड कर लीजिए. अब इस मिश्रण को छानकर पौधों में अप्लाई कर सकते हैं. इसके ढेरों फायदे मिलेंगे.
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ऑर्गेनिक कीटनाशकों में गौमूत्र भी शामिल है. होम गार्डन से लेकर बड़े पैमाने की खेती में भी गौमूत्र का प्रयोग कीटनाशक के तौर पर किया जाता है. आपको बता दें कि 900 मिली पानी में 100 मिली ताजा गौमूत्र मिलाकर छिड़काव करें. ये लिक्विड छोटे कीड़ों और फंगस से छुटकारा दिलाने में बहुत मददगार होता है.
घर पर बने देसी कीटनाशकों का उपयोग करने जा रहे हैं तो खास सावधानियां रखना भी जरूरी होता है. आपको बता देते हैं कि बड़े पैमाने में इसका इस्तेमाल करने से पहले गमलों या गार्डन में उपयोग करके देख लें. अगर असरदार है तो ही अपनाएं. इसके अलावा सुबह या शाम ही यूज करें दोपहर के वक्त धूप के चलते इसका प्रभाव कम हो सकता है.