इन दिनों देश भर के किसान खाद की समस्या से जूझ रहे हैं. धान की बुवाई पूरी है. बारिश में भी कोई कमी नहीं है लेकिन किसान की मेहनत और पैदावार के बीच खाद की समस्या नाम की दीवार आ रही है. हम सब जानते हैं कि है धान की बुवाई के साथ शुरुआती महीने में खाद बहुत जरूरी तत्व है. हर साल खाद की कमी आती रहती है लेकिन इस साल ये मामला कुछ ज्यादा ही गंभीर दिख रहा है. फर्टिलाइजर की समस्या से जुड़ी कई तस्वीरें आपने देखी होंगी इस बार नया मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर से आया है जहां किसानों ने अजब विरोध जताया है.
देशभर में खाद की समस्या के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं. इस बार मध्य प्रदेश का मामला सामने आया है जहां एक गधा चर्चा का विषय बना हुआ है. दरअसल भितरवार में खाद की किल्लत से परेशान किसानों का गुस्सा आखिरकार सड़कों पर फूट पड़ा. किसानों ने बताया कि खाद वितरण में चल रही लापरवाही और परेशानी से वे बेहाल हैं.छः-सात घंटे से तपती धूप और भीषण गर्मी में अन्नदाता और लाडली बहनें सड़क पर बैठकर न्याय की गुहार लगा रही हैं.
किसानों ने खाद की किल्लत का सामना करते हुए सरकार को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. किसानों ने जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर विरोध जताया. एक महिला किसान ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यहां खाद की मारामारी के साथ ही ब्लैकिंग भी खूब की जा रही है. उन्होने आगे कहा कि खाद को 500-500 रुपये कट्ठा ब्लैक की जा रही हैं. इन तमाम बातों से आक्रोशित किसानों ने गधे को माला पहनाकर सांकेतिक रूप से विरोध दर्ज किया है.
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खाद वितरण में मनमानी को देखते हुए किसानों ने सड़क पर धरना शुरू कर दिया जिससे आवागमन बाधित है. किसानों ने बातचीत के दौरान बताया कि धान की बुवाई किए हुए दो महीने का समय हो गया है लेकिन अब तक एक बार भी खाद नहीं दी जा सकी है. कुछ किसानों ने जन प्रतिनिधियों के खिलाफ भी आक्रोश जताया है. किसानों का कहना है कि विधायक-सांसद बनाने में किसान बहुत बड़ी भूमिका निभाता है लेकिन खाद की समस्या के समय हमारे जन प्रतिनिधि मौन हैं. लंबे इंतजार के बाद आखिरकार SDM और SDOP मौके पर पहुंचे और अन्नदाताओं को समझाइश देने लगे. काफी देर की समझाइश के बाद SDM राजीव समाधिया की बात मानकर धरना समाप्त किया.
रिपोर्ट - सर्वेश पुरोहित
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