सहरसा में मखाना प्रोसेसिंग प्लांट शुरू: किसानों को मिलेगा सही दाम, दुबई-शंघाई तक होगा निर्यात

सहरसा में मखाना प्रोसेसिंग प्लांट शुरू: किसानों को मिलेगा सही दाम, दुबई-शंघाई तक होगा निर्यात

बिहार के सहरसा जिले के मुरादपुर गांव में मखाना प्रोसेसिंग प्लांट की शुरुआत से किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. इस प्लांट के जरिए अब स्थानीय किसानों से सीधे मखाना खरीदा जाएगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और उन्हें बेहतर कीमत मिलेगी. करीब 3.5 से 4 करोड़ रुपये की लागत से बने इस आधुनिक प्लांट में प्रतिदिन 1 टन मखाना प्रोसेस किया जाएगा. यहां तैयार उत्पाद को दुबई, कनाडा और भविष्य में शंघाई तक निर्यात करने की योजना है, जबकि देश के कई बड़े बाजारों को भी टारगेट किया गया है. इस पहल से 250 से 300 लोगों को रोजगार मिलेगा और किसानों को मुनाफे में भी हिस्सेदारी दी जाएगी, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी की उम्मीद है.

Saharsa makhana processing plantSaharsa makhana processing plant
क‍िसान तक
  • Saharasa,
  • Jun 25, 2026,
  • Updated Jun 25, 2026, 7:22 PM IST

खबर सहरसा से है जहां मखाना किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. जिले के मुरादपुर गांव में मखाना के नए प्रोसेसिंग प्लांट की गुरुवार से शुरुआत हो गई. मुरादपुर के ही रहनेवाले अमित ठाकुर ने स्थानीय किसानों की परेशानियों को देखते हुए मखाना के नए प्रोसेसिंग प्लांट की शुरूआत की है. यहां के मखाने को अब सहरसा से संघाई, दुबई और कनाडा तक भेजा जाएगा. नए मखाना प्लांट के खुलने से स्थानीय किसानों को अपने मखाने की बेहतर उपज का उचित मूल्य मिलेगा, जिससे क्षेत्र के कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा.

इस प्रोसेसिंग प्लांट के प्रोपराइटर के भाई डॉक्टर अनुज ने जानकारी देते हुए बताया कि सहरसा के मखाना को वैश्विक पटल पर ले जाने के लिए मखाना का प्रोसेसिंग प्लांट लगाया. इस प्लांट की दैनिक उत्पादन क्षमता 1 टन की है तो ऐसे में महीने के तीस टन मखाना का प्रोसेसिंग यहां किया जाएगा. सभी ऑटोमेटिक मशीन से काम करने की व्यवस्था है जिससे सभी तरह के फ्लेवर मिक्सिंग का भी इंतजाम किया गया है. साथ ही पैकेजिंग की ऑटोमेटिक व्यवस्था है.

किसानों को मिलेगा 3 लाख का हेल्थ कवर

यहां के किसान बिचौलिए के माध्यम से पूर्णिया या दरभंगा जैसे जगहों पर जाकर उसे बेचने को मजबूर थे. अब लोकल किसानों से डायरेक्ट खरीद की जाएगी, इससे बिचौलियों का रोल खत्म हो जाएगा. इससे किसानों को मखाने की बेहतर कीमत मिलेगी. डॉ. अनुज ने बताया कि प्रोसेसिंग प्लांट से जुड़ने वाले हर किसान को 3 लाख तक का हेल्थ इंश्योरेंस दिया जाएगा. किसानों को ट्रेनिंग देने के लिए मुरादपुर में व्यवस्था की जाएगी. 

अनुज ने कहा, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पहले किसानों को यह जानकारी नहीं मिल पाती थी कि उनकी बिक्री के बाद मखाना आखिर कौन-से बाजार में गया और उससे कितना मुनाफा हुआ. लेकिन हमारी व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी होगी। किसानों को उनका खरीद मूल्य देने के बाद जो भी लाभ कंपनी को होगा, उसे सभी किसानों के बीच समान रूप से बांटा जाएगा.

25-30 परिवारों को सीधा रोजगार

इस प्लांट के माध्यम से लगभग 25 से 30 परिवारों को सीधे रोजगार मिलेगा, जबकि कुल मिलाकर 250 से 300 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से काम के अवसर दिए जाएंगे. कंपनी की ओर से कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की जाएगी, जिससे उनकी काम करने की क्षमता और कौशल में सुधार होगा.

सहरसा में प्रोसेस किया गया मखाना देश और विदेश के बाजारों तक पहुंचाने की योजना है. फिलहाल दुबई और कनाडा में निर्यात की तैयारी चल रही है, जबकि भविष्य में शंघाई तक विस्तार का लक्ष्य रखा गया है. घरेलू बाजार में कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और दिल्ली-एनसीआर प्रमुख लक्ष्य क्षेत्र होंगे. अलग-अलग उत्पाद बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. नए उत्पादों में कई प्रकार के फ्लेवर शामिल होंगे, साथ ही मखाना पाउडर और बिस्किट जैसी 8–9 नई श्रेणियां भी पेश की जाएंगी. इस प्लांट को तैयार करने में अब तक लगभग साढ़े तीन से चार करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है.(धीरज कुमार सिंह का इनपुट)

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