10 लाख की इस मशीन से बदल जाएगी आलू, प्याज और लहसुन की खेती, किसानों की लागत होगी कम

10 लाख की इस मशीन से बदल जाएगी आलू, प्याज और लहसुन की खेती, किसानों की लागत होगी कम

सागर में आलू, प्याज और लहसुन की खेती के लिए आधुनिक प्लांटर-डिगर मशीन किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है.यह मशीन बुवाई से लेकर खुदाई तक का काम कर 40 से 60% तक श्रम बचाती है, लागत घटाती है और उत्पादन बढ़ाने में मदद करती है.

धर्मेंद्र सिंह
  • Sagar ,
  • Aug 05, 2026,
  • Updated Aug 05, 2026, 10:05 AM IST

खेती में आधुनिक तकनीक का उपयोग लगातार बढ़ रहा है और अब इसका लाभ आलू, प्याज और लहसुन की खेती करने वाले किसानों को भी मिलने लगा है. कृषि विभाग की Potato, Onion & Garlic Planter & Digger परियोजना किसानों के लिए गेमचेंजर साबित हो रही है. इस आधुनिक मशीन की मदद से बुवाई से लेकर खुदाई तक का काम तेजी, सटीकता और कम लागत में किया जा सकता है. इससे न केवल किसानों की मेहनत कम होगी बल्कि उत्पादन और फसल की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिलेगा.

कृषि विभाग का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रीकरण से जोड़कर खेती को अधिक वैज्ञानिक, लाभकारी और श्रम-कुशल बनाना है. पारंपरिक खेती में जहां अधिक मजदूरों और समय की आवश्यकता होती है, वहीं यह मशीन कम समय में बेहतर परिणाम देने में सक्षम है.

एक मशीन करेगी कई काम

आधुनिक प्लांटर एवं डिगर मशीन आलू, प्याज और लहसुन की खेती के कई महत्वपूर्ण कार्य एक साथ करती है.यह मशीन बीज कंद और लहसुन की कलियों की बुवाई निर्धारित गहराई और समान दूरी पर करती है, जिससे पौधों का समान विकास होता है और बेहतर अंकुरण मिलता है.

फसल तैयार होने के बाद यही मशीन खुदाई का काम भी करती है. यह कंदों को मिट्टी से अलग कर सतह पर छोड़ देती है, जिससे फसल को कम नुकसान होता है और कटाई का कार्य तेजी से पूरा हो जाता है.

40 से 60 प्रतिशत तक होगी श्रम की बचत

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस मशीन के उपयोग से खेती में 40 से 60 प्रतिशत तक श्रम की बचत होती है.इसके अलावा बीज की कम खपत, समय की बचत, पौधों के बीच समान दूरी, बेहतर अंकुरण और अधिक उत्पादन जैसे कई फायदे मिलते हैं.

सटीक बुवाई और प्रभावी खुदाई के कारण खेती की लागत घटती है, जबकि उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार होता है. इससे किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी.

10 लाख रुपये की मशीन, विकासखंडों में तय हुए लक्ष्य

परियोजना के तहत इस आधुनिक मशीन की प्रति इकाई लागत लगभग 10 लाख रुपये है. कृषि विभाग ने जिले के सागर, रहली, देवरी और केसली विकासखंडों में तीन-तीन मशीन इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया है, ताकि अधिक से अधिक किसान इस तकनीक का लाभ उठा सकें.

खेती होगी आसान, बढ़ेगी किसानों की आमदनी

कृषि विभाग का मानना है कि आधुनिक प्लांटर एवं डिगर मशीन किसानों को सही समय पर खेती के कार्य पूरे करने में मदद करेगी. इससे फसल की उत्पादकता बढ़ेगी, लागत कम होगी और किसानों की आय में भी सकारात्मक वृद्धि होगी.आधुनिक कृषि यंत्रीकरण की दिशा में यह पहल खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

 

MORE NEWS

Read more!