Farm Machinery: सिर्फ 90 रुपये में करें गेहूं की पूरी कटाई, पैसों के साथ बचाएं समय

Farm Machinery: सिर्फ 90 रुपये में करें गेहूं की पूरी कटाई, पैसों के साथ बचाएं समय

रीपर बाइंडर मशीन किसानों के लिए एक बेहतरीन उपकरण है. यह सिर्फ एक घंटे में चार बीघा गेहूं की कटाई कर देती है और पुली भी बनाती है. खर्च केवल 90 रुपये प्रति घंटे है. सरकार 50% तक सब्सिडी भी देती है. इससे समय बचता है, मेहनत कम होती है और किसान अपनी फसल जल्दी बेच सकते हैं.

सरकारी सब्सिडी के साथ रीपर बाइंडरसरकारी सब्सिडी के साथ रीपर बाइंडर
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Mar 02, 2026,
  • Updated Mar 02, 2026, 11:28 AM IST

आज के समय में हर काम में मशीनों का उपयोग बढ़ गया है. खेती भी अब पहले जैसी नहीं रही. पहले किसान हाथ से फसल काटते थे, जिसमें बहुत समय और मेहनत लगती थी. अब नई-नई मशीनें आ गई हैं जो किसानों का काम आसान बना रही हैं. ऐसी ही एक खास मशीन है रीपर बाइंडर मशीन. यह मशीन गेहूं की कटाई के लिए बहुत उपयोगी मानी जाती है. यह जल्दी काम करती है और किसानों का समय और पैसा दोनों बचाती है.

एक घंटे में चार बीघा खेत साफ

जब गेहूं पक जाता है, तो उसे समय पर काटना बहुत जरूरी होता है. अगर कटाई देर से हो, तो दाने गिरने लगते हैं और किसान को नुकसान होता है. आजकल मजदूर भी आसानी से नहीं मिलते. ऐसे में रीपर बाइंडर मशीन बहुत मदद करती है. यह मशीन सिर्फ एक घंटे में चार बीघा खेत की कटाई कर देती है. इसे चलाने के लिए केवल एक लीटर डीजल लगता है. अगर डीजल की कीमत लगभग 90 रुपये है, तो एक घंटे की कटाई का खर्च भी लगभग 90 रुपये ही आता है. इससे किसान समय पर अपनी फसल काट सकते हैं और बाजार में बेच सकते हैं.

पुली बांधने का काम भी आसान

जब लोग हाथ से गेहूं काटते हैं, तो उन्हें गेहूं की पूलियां (गठ्ठर) भी बांधनी पड़ती हैं. इसमें बहुत समय लगता है. लेकिन रीपर बाइंडर मशीन यह काम भी खुद ही कर देती है. इसमें एक धागा लगा होता है, जो कटे हुए गेहूं को बांध देता है. यानी यह मशीन एक साथ दो काम करती है- कटाई और बांधाई. इससे किसान को अलग से मेहनत नहीं करनी पड़ती.

इस मशीन में बैठने के लिए सीट भी दी गई है. किसान आराम से सीट पर बैठकर इसे चला सकते हैं, जैसे ट्रैक्टर चलाते हैं. इससे उन्हें थकान भी कम होती है. मशीन दो इंच से ऊपर गेहूं की कटाई करती है, जिससे खेत भी साफ रहता है.

सरकार देती है 50 प्रतिशत तक सब्सिडी

रीपर बाइंडर मशीन की कीमत लगभग डेढ़ लाख रुपये से शुरू होती है. यह कीमत कुछ किसानों के लिए ज्यादा हो सकती है. लेकिन सरकार किसानों की मदद के लिए इस पर अनुदान यानी सब्सिडी देती है. कई राज्यों में सरकार 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी देती है. इसका मतलब है कि किसान को आधी कीमत ही देनी पड़ती है. इसके लिए किसान को पंजीकरण कराना होता है और टोकन प्रक्रिया के जरिए आवेदन करना होता है. सरकार का उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा किसान आधुनिक मशीनों का उपयोग करें और खेती को आसान बनाएं.

कमाई का अच्छा जरिया

रीपर बाइंडर मशीन सिर्फ अपने खेत के लिए ही नहीं, बल्कि कमाई का साधन भी बन सकती है. अगर किसान अपने खेत की कटाई करने के बाद दूसरे किसानों के खेत में भी कटाई करें, तो वे पैसे कमा सकते हैं. अगर किसान रोज चार से पांच घंटे मशीन चलाएं, तो वे 20 बीघा या उससे ज्यादा खेत की कटाई कर सकते हैं.

किसान अपनी सुविधा के अनुसार प्रति बीघा कटाई का शुल्क तय कर सकते हैं. इससे उनकी अतिरिक्त आय होगी. खासकर उन किसानों को ज्यादा फायदा होगा जिनकी फसल आंधी या बारिश से खराब हो जाती है. अगर समय पर कटाई हो जाए, तो नुकसान कम होगा.

किसानों के लिए फायदेमंद मशीन

रीपर बाइंडर मशीन खेती के लिए बहुत खास और फायदेमंद मशीन है. यह समय बचाती है, मेहनत कम करती है और खर्च भी कम करती है. मजदूरों की कमी होने पर भी किसान अपनी फसल समय पर काट सकते हैं.

आज के बदलते समय में ऐसी मशीनें किसानों के लिए बहुत जरूरी हो गई हैं. इससे खेती आसान बनती है और किसान की आमदनी भी बढ़ती है. इसलिए अगर किसान नई तकनीक अपनाते हैं, तो उन्हें ज्यादा लाभ मिलेगा और उनकी मेहनत भी कम होगी.

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