छोटे किसानों को अमीर बना रही है ये खास तकनीक, कम रिस्क में होगा ज्यादा मुनाफा...जानें कैसे

छोटे किसानों को अमीर बना रही है ये खास तकनीक, कम रिस्क में होगा ज्यादा मुनाफा...जानें कैसे

डॉ. मेहंदी बताते हैं कि पिछले 30 से 40 वर्षों से किसान गेहूं, धान, गन्ना, मेंथा समेत कई फसलों की खेती कर रहे हैं. पहले एक समय था जब हमारे पास गेहूं का उत्पादन ज्यादा नहीं था. लेकिन आज गेहूं का अच्छा खासा उत्पादन हो गया है.

खेती में इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम बहुत अच्छा है.खेती में इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम बहुत अच्छा है.
नवीन लाल सूरी
  • Lucknow,
  • Apr 04, 2024,
  • Updated Apr 04, 2024, 2:26 PM IST

Agricultural Expert Tips: आधुनिकता के इस दौर में कृषि के क्षेत्र में भी लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं. बेहतर उत्पादन और अधिक कमाई के लिए तकनीक से लेकर पद्धति तक के बदलाव हो रहा है. नई तकनीक के इस्तेमाल में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और एग्रीकल्चर ड्रोन के इस्तेमाल हो रहा है. इसके अलावा एक और बदलाव यह हो रहा है कि अब नए और पढ़े लिखे युवा इसे व्यवसाय के तौर पर अपना रहे हैं और कृषि में नए प्रयोग कर सफलता हासिल कर रहे हैं. ऐसे में मुरादाबाद कृषि प्रशिक्षण केंद्र के निदेशक डॉ. दीपक मेहंदी बताएंगे कि खेती से ज्यादा मुनाफा कैसे कमाया जाए.

कृषि का अनोखा मॉडल खोलेगा समृद्धि का द्वार

इंडिया टुडे के डिजिटल प्लेटफॉर्म किसान तक से खास बातचीत में मुरादाबाद कृषि प्रशिक्षण केंद्र के निदेशक डॉ. दीपक मेहंदी ने बताया कि हर नया प्रयोग किसानों के लिए समृद्धि का द्वार खोलने का काम कर रहा है. उन्होंने बताया कि इंटीग्रेटेड फार्मिंग एक ऐसा तरीका है, जिससे किसान कम रिस्क के साथ अच्छा पैसा कमा सकता है. यह कृषि का एक ऐसा मॉडल है, जिसमें एक ही जगह पर तरह-तरह की फार्मिंग संबंधित गतिविधियां की जाती हैं. एक ही जगह पर कई तरह की फसलें उगाना, पोल्ट्री करना और मछली पालन करना इसका हिस्सा है.

खाली बचे खेत में पशुपालन

इससे छोटे किसानों को बहुत लाभ मिलता है. इसमें किसानों को एक ही खेत में तरह-तरह की फसलें उगाने, खाली बचे खेत में पशुपालन, तालाब बनाकर मछली पालन और घर के पीछे मुर्गी पालन जैसे काम करने की सहूलियत मिल जाती है. इससे वह अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. आगे उन्होंने कहा कि जो परंपरागत खेती पहले से चली आ रही हैं, उनसे थोड़ा हटने की आवश्यकता है.

किसानों को करना पड़ता है घाटे का सामना 

डॉ. मेहंदी बताते हैं कि पिछले 30 से 40 वर्षों से किसान गेहूं, धान, गन्ना, मेंथा समेत कई फसलों की खेती कर रहे हैं. पहले एक समय था जब हमारे पास गेहूं का उत्पादन ज्यादा नहीं था. लेकिन आज गेहूं का अच्छा खासा उत्पादन हो गया है. यही स्थिति चावल की भी है. उन्होंने बताया कि किसान वर्षों से खेती करते चले आ रहे हैं. इनका मार्केट मूल्य तो बढ़ रहा है. लेकिन, बाजार से इन्हें इतना पैसा नहीं मिल पा रहा है कि मुनाफा कमा सके. इस वजह से किसानों को फसलों में घाटे का सामना करना पड़ रहा है.

इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम बेहतर विकल्प

उन्होंने आगे बताया कि खेती में इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम बहुत अच्छा है. इसमें वह दो पशु रख लें, बकरी पालन कर लें या फिर 50 एवं 100 मुर्गियां रख लें. इसके अलावा खेत के चारों तरफ शागोन, मोगनी, यूकेलिप्टस, पॉपुलर, ऐसी खेती करने से किसान को 5 से 10 साल में अच्छी आमदनी हो जाएगी. इसके अलावा सब्जियों की खेती भी किसान कर सकते हैं. फल उगा कर भी मुनाफा कमा सकते हैं. डॉ. दीपक मेहंदी ने बताया कि अब खेती करने का पुराना ट्रेंड बदलने की आवश्यकता है और एक मल्टी लेयर या मल्टी फार्मिंग करने की जरूरत है. किसान भाई इस ओर जाएंगे तो निश्चित तौर पर उनकी आमदनी बढ़ेगी और वह खेती में अच्छा मुनाफा कमा सकेंगे.

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