हरियाणा में 1000 से अधिक किसानों के आवेदन निकले फर्जी, सरकार को लगने वाला था करोड़ों का चूना, जानें पूरा मामला

हरियाणा में 1000 से अधिक किसानों के आवेदन निकले फर्जी, सरकार को लगने वाला था करोड़ों का चूना, जानें पूरा मामला

सत्यापन के दौरान, यह पाया गया कि 11,500 एकड़ पर 1,000 से अधिक किसानों के दावे सही नहीं थे. विभाग को प्राप्त आवेदनों के अनुसार, डीएसआर के तहत कुल क्षेत्रफल 29,000 एकड़ है. 

धान की सीधी बुवाई के आवेदन में फर्जीवाड़ा. (सांकेतिक फोटो)धान की सीधी बुवाई के आवेदन में फर्जीवाड़ा. (सांकेतिक फोटो)
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jan 28, 2024,
  • Updated Jan 28, 2024, 2:00 PM IST

हरियाणा के हिसार जिले में 11,500 एकड़ में चावल की सीधी बुआई (डीएसआर) तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहन का दावा करने वाले 1,000 से अधिक किसानों के आवेदन फर्जी पाए गए हैं. ऐसे में कृषि विभाग ने 4.60 करोड़ रुपये के दावों को खारिज कर दिया है. दरअसल, जल संरक्षण के उद्देश्य से, राज्य सरकार धान की खेती के लिए डीएसआर तकनीक अपनाने वाले किसी भी किसान को 4,000 रुपये प्रति एकड़ का प्रोत्साहन देती है.

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, कृषि विभाग को पिछले खरीफ सीजन के लिए हिसार जिले में 29,000 एकड़ में धान की सीधी बुआई का दावा करने वाले किसानों के आवेदन प्राप्त हुए हैं. हिसार में धान का कुल क्षेत्रफल 1.90 लाख एकड़ है और राज्य सरकार ने जिले में 8,000 एकड़ पर डीएसआर तकनीक का न्यूनतम लक्ष्य निर्धारित किया है. सूत्रों ने बताया कि आवेदनों के जवाब में विभाग ने जिले के कृषि अधिकारियों, पटवारियों और गांव के नंबरदारों की मदद से डीएसआर क्षेत्र का भौतिक सत्यापन करवाया था.

1,000 से अधिक किसानों के दावे सही नहीं थे

सत्यापन के दौरान, यह पाया गया कि 11,500 एकड़ पर 1,000 से अधिक किसानों के दावे सही नहीं थे. विभाग को प्राप्त आवेदनों के अनुसार, डीएसआर के तहत कुल क्षेत्रफल 29,000 एकड़ है. एक अधिकारी ने कहा कि किसानों ने उन खेतों के लिए प्रोत्साहन का दावा करने के लिए आवेदन भी जमा किए हैं जहां धान की रोपाई नहीं की गई थी.

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सरकार अब करेगी आवेदनों का सत्यापन

अधिकारी ने कहा कि विभाग हरियाणा स्पेस अप्लीकेशन सेंटर के डेटा की मदद से शेष 17,500 एकड़ के लिए आवेदनों का फिर से सत्यापन कर रहा है, जिससे यह स्थापित करने में मदद मिल सकती है कि किसी विशेष क्षेत्र में धान डीएसआर विधि द्वारा बोया गया था या नहीं.

इन जिलों में डीएसआर तकनीक से खेती

राज्य सरकार ने धान उगाने वाले जिलों हिसार, जींद, कैथल, करनाल, कुरूक्षेत्र, फतेहाबाद, सिरसा, हिसार, रोहतक, अंबाला, यमुनानगर, पानीपत, सोनीपत आदि में दो लाख एकड़ जमीन को डीएसआर के तहत लाने का लक्ष्य रखा है. हिसार के कृषि उप निदेशक डॉ. राजबीर सिंह ने कहा कि वे किसानों के आवेदन के सत्यापन के बाद उन्हें प्रोत्साहन राशि जारी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि असत्यापित आवेदन खारिज कर दिए जाएंगे.

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