
IFFCO ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड मुनाफा कमाया है. ऐसे में संस्था के अध्यक्ष दिलीप संधाणी ने नतीजों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह, केंद्रीय उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार जताया है. उन्होंने संस्था के निदेशक मंडल, प्रबंधन और कर्मचारियों के योगदान को भी इस उपलब्धि का आधार बताया.
दरअसल, IFFCO ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में इफ्को ने 4,106 करोड़ रुपये से अधिक का कर-पूर्व लाभ दर्ज किया है, जो अब तक का सर्वाधिक स्तर है. यह प्रदर्शन सहकारिता क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है. उत्पादन और वितरण के मोर्चे पर भी IFFCO ने बड़े आंकड़े हासिल किए हैं.
वर्ष के दौरान 118.75 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों की बिक्री दर्ज की गई, जबकि देशभर में 119.68 लाख मीट्रिक टन की आपूर्ति की गई. यूरिया और डीएपी की बढ़ती मांग के बीच इन उत्पादों की बिक्री में वृद्धि दर्ज की गई है. नैनो उर्वरकों के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई.
वित्तीय वर्ष के दौरान 301 लाख से अधिक बोतलों की बिक्री हुई. नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी, नैनो जिंक और नैनो कॉपर जैसे उत्पादों की मांग बढ़ी है. इसके साथ ही नैनो एनपीके लिक्विड और नैनो एनपीके ग्रेन्यूलर उत्पादों को उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत अधिसूचित किया गया है.
संस्था ने बताया कि नैनो उर्वरक उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए बेंगलुरु के देवनहल्ली में नया संयंत्र शुरू किया गया है. इसके साथ ही कुल उत्पादन क्षमता लगभग 9.5 लाख बोतल प्रतिदिन तक पहुंच गई है. कोयंबटूर में स्थापित नैनो नवाचार केंद्र में कृषि से जुड़ी नई तकनीकों पर काम किया जा रहा है.
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, संस्था ने कर्मचारियों से जुड़े मामलों में भी जरूरी कदम उठाए हैं. संविदा कर्मचारियों के लिए न्यूनतम 20,000 रुपये मासिक वेतन लागू किया गया है, जो 1 नवंबर 2025 से प्रभावी है. इस निर्णय से हजारों कर्मचारियों को लाभ मिला है और इसके लिए अतिरिक्त व्यय भी किया गया है.
इफ्को की गतिविधियां अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विस्तार कर रही हैं. संस्था 40 से अधिक देशों में अपने उत्पाद और सेवाएं पहुंचा रही है. ब्राजील में नैनो उर्वरक उत्पादन के लिए संयुक्त उद्यम स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है.