
बिहार के गन्ना किसानों के लिए अच्छी खबर आई है. राज्य सरकार ने गन्ना खेती को आधुनिक बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए गन्ना यंत्रिकरण योजना को मंजूरी दे दी है. सरकार के द्वारा इस योजना पर 34.59 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इससे गन्ना उत्पादन लागत कम होगी और किसान बेहतर तरीके से खेती कर सकेंगे.
गन्ना उद्योग विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि गन्ना खेती में आजकल श्रमिकों की कमी, बढ़ती मजदूरी और पुरानी तकनीकों के कारण लागत ज्यादा हो रही है. आधुनिक यंत्रों का उपयोग करने से बीज का बेहतर उपचार, सही दूरी पर रोपाई, खरपतवार नियंत्रण और कटाई आसान हो जाएगी.
सरकार का लक्ष्य है कि गन्ना किसान कम खर्च में ज्यादा उत्पादन कर सकें. यह योजना सात निश्चय-3 के लक्ष्य 'समृद्ध उद्योग - सशक्त बिहार' को पूरा करने में मदद करेगी. बंद पड़ी चीनी मिलों को चालू करने और नई मिलों की स्थापना के लिए भी गन्ना उत्पादन बढ़ाना जरूरी है.
योजना के तहत खेत तैयार करने से लेकर गन्ना कटाई तक के आधुनिक यंत्रों पर अनुदान दिया जाएगा. किसान ऑनलाइन आवेदन करेंगे और SuMech पोर्टल के जरिए पूरी प्रक्रिया पूरी होगी.
सहायक निदेशक, ईख विकास इस योजना का कार्यान्वयन करेंगे. इससे गन्ना बीज का बेहतर उपचार होगा, रोपाई आसान होगी और कीट-खरपतवार नियंत्रण में सुधार आएगा. योजना में ट्रैक्टर, रोटावेटर, ट्रेंचर, प्लांटर, स्प्रेयर, हार्वेस्टर जैसे यंत्र शामिल किए गए हैं.
बिहार सरकार के इस योजना से गन्ना उत्पादन बढ़ेगा और लागत घटेगी. इससे किसानों की आय में अच्छी वृद्धि होगी. राज्य में बंद पड़ी चीनी मिलों को चालू करने और नई मिलों की स्थापना के लिए भी गन्ना उत्पादन बढ़ाना जरूरी है.
सरकार का फोकस है कि गन्ना किसान आर्थिक रूप से मजबूत हों और राज्य का गन्ना उद्योग और विकसित हो.
यह योजना बिहार के गन्ना किसानों के लिए बड़ी सौगात है. इससे पुरानी समस्याएं कम होंगी और आधुनिक खेती को बढ़ावा मिलेगा. सरकार ने साफ कहा है कि गन्ना क्षेत्र को मजबूत बनाकर किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा. राज्य के किसान ऑनलाइन आवेदन करके इस योजना का लाभ उठा सकते हैं.