
उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों के हितों और गुणवत्तापूर्ण बीज गन्ना उपलब्ध कराने के लिए नए नियम लागू कर दिए गए हैं. इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास वीना कुमारी ने बताया कि प्रदेश में प्रामाणिक बीज गन्ना उत्पादन एवं वितरण के लिए पंजीकरण अनिवार्य है. बीज गन्ना उत्पादन व विक्रय करने के इच्छुक गन्ना किसान अपना आवेदन नजदीक के गन्ना विकास परिषद में प्रस्तुत करेगें. वहीं गन्ना विकास निरीक्षक द्वारा निर्धारित समयावधि में इसका सत्यापन किया जाएगा.
उन्होंने बताया कि उप गन्ना आयुक्त से प्राप्त संस्तुति पर गन्ना आयुक्त के स्तर से पंजीकरण की प्रकिया पूर्ण की जाएगी. किसानों को आवेदन पत्र के साथ कुल धारित कृषि योग्य भूमि, गन्ना क्षेत्रफल, अपने प्रक्षेत्र पर उत्पादित की जाने वाली गन्ना किस्म, उत्पादित सीडलिंग की संख्या, बीज फसल के लिए बीज प्राप्त करने के स्रोत आदि का विवरण देना होगा.
साथ में यह स्वघोषणा पत्र भी देना होगा कि कोई शिकायत मिलने पर खुद के विरुद्ध बीज अधिनियम 1966 के अनुसार कार्यवाही के लिए गन्ना विकास विभाग पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा. पंजीकृत उत्पादकों द्वारा प्रदेश में स्वीकृत गन्ना किस्मों का ही बीज गन्ना संवर्धन एवं वितरण किया जाएगा. सीड एक्ट का उल्लंघन करने पर 1 हजार रुपये का अर्थदंड और 6 माह के कारावास की सजा का प्रविधान है. वीना कुमारी ने बताया कि अब बीज गन्ना का व्यवसाय करने वाले सभी किसानों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है. इसके साथ ही बीज उत्पादन और बिक्री के लिए बीज अधिनियम 1966 का पालन करना जरूरी है.
दूसरे प्रदेशों में प्रचलित किस्मों अथवा किसी अन्य देश से लाये गये सीड मैटेरियल को प्रदेश में उपयोग किये जाने के सम्बन्ध में क्वारंटाइन (Quarantine) के नियम लागू होगें तथा बिना गन्ना आयुक्त की अनुमति के ऐसी किस्मों का बीज उत्पादन एवं व्यवसाय पर प्रतिबंधित होगा. उ.प्र. गन्ना शोध परिषद, शाहजहांपुर में पंजीकृत बीज गन्ना उत्पादक कृषकों द्वारा गन्ने के रूप में बीज गन्ना / सीडलिंग का विक्रय गन्ना आयुक्त, उत्तर प्रदेश द्वारा निर्धारित दरों पर किया जाएगा. वहीं बीज गन्ना उत्पादक कृषकों द्वारा सम्बन्धित प्रक्षेत्र पर गन्ना बीज की किस्म, बुवाई की तिथि, बीज के स्रोत आदि का एक साईन बोर्ड (4×2 फिट) प्लाट पर स्थापित किया जायेगा, जिससे गन्ने बीज से सम्बन्धी विवरण आसानी से जानकारीहो सके।
इस सम्बन्ध में विभाग द्वारा बताया गया कि अब तक बीज गन्ना उत्पादक के रूप में 2823 कृषक पंजीकृत थे जिनमें से कुल 593 बीज उत्पादकों का पंजीकरण वैध पाया गया है तथा 2230 फर्जी गन्ना बीज उत्पादकों का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है. प्रदेश में अवमुक्त गन्ने किस्मों के आनुवंशिक शुद्धता (Genetic Purity) के अनुरक्षण रोग एवं कीटों के प्रभावी नियंत्रण तथा बीज गन्ना उत्पादन एवं विक्रय के नियमन सुनिश्चित करने के साथ साथ गन्ना कृषकों के व्यापक हितों में निर्गत दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन किया जाएगा.
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