रबी फसल पर मौसम की मार, पकती फसलों पर माहू कीट के प्रकोप से चिंतित किसान

रबी फसल पर मौसम की मार, पकती फसलों पर माहू कीट के प्रकोप से चिंतित किसान

राजस्थान के इस जिले में इस बार किसानों ने सरसों की बुवाई कम कर गेहूं और आलू की बुवाई अधिक की है. लेकिन बदलते मौसम ने किसानों की चिंता फिर बढ़ा दी है. जिले के कई इलाकों में सरसों और आलू की फसल पक कर तैयार हैं. लेकिन सरसों में माहू कीट ने हमला कर दिया है.

रबी फसल पर मौसम की माररबी फसल पर मौसम की मार
क‍िसान तक
  • Dholpur,
  • Feb 22, 2026,
  • Updated Feb 22, 2026, 8:54 AM IST

राजस्थान के धौलपुर जिले में इस बार किसानों ने सरसों की बुवाई कम कर गेहूं और आलू की बुवाई अधिक की है. ऐसा इसलिए क्योंकि मॉनसूनी सीजन में अधिक बारिश के कारण खेत जलमग्न हो गए थे और खरीफ की फसल नष्ट हो गई थी. किसानों ने बाजार में आलू और गेहूं की कीमत अधिक मिलने के कारण इस बार इन दोनों फसलों की बुवाई पर अधिक जोर दिया हैं. लेकिन बदलते मौसम ने किसानों की चिंता फिर बढ़ा दी है. जिले के कई इलाकों में सरसों और आलू की फसल पक कर तैयार हैं. लेकिन सरसों में माहू कीट ने हमला कर दिया है, जिससे पैदावार कम होने की संभावना है.

इतने हेक्टेयर में हुई रबी फसलों की बुवाई

धौलपुर जिले में एक लाख पचास हजार हेक्टेयर में रबी  फसल की बुवाई हुई है. कृषि विभाग के मुताबिक, गेहूं की बुवाई लगभग 45 हजार हेक्टेयर में हुई है. वहीं, 67 हजार हेक्टेयर में सरसों और आलू की बुवाई 9 हजार हेक्टेयर में हुई थी. इस बार मौसम के उतार चढाव के कारण सरसों की बुवाई कम हुई है. किसानों ने इस बार गेहूं और आलू की बुवाई ज्यादा की है. इसके अलावा जौ 490 हेक्टेयर, चना 1103 हेक्टेयर, दलहन 1109 हेक्टेयर और 1543 हेक्टेयर में सब्जियों की बुवाई की थी.

सरसों छोड़ गेहूं और आलू की खेती किए किसान

बता दें कि जिले में सरसों की पैदावार शुरू से ही अच्छी होती आई है और हर साल कृषि विभाग सरसों की बुवाई के लिए भी रकबा बढ़ाता रहता है. लेकिन इस बार गेहूं और आलू की बुवाई पर किसानों ने जोर दिया है. अधिक बारिश होने के कारण खेतों में पानी भर जाने के कारण सरसों की बुवाई में देरी हो जाने से किसानों ने सरसों की जगह गेहूं और आलू की बुवाई की है, जिस कारण गेहूं और आलू की बुवाई का रकवा बढ़ गया है. साथ ही आलू और गेहूं की कीमतों में लगातार वृद्धि होने के कारण किसानों ने अबकी बार इन दो फसलों पर जोर दिया है.

सरसों की फसल पर माहू कीट का हमला

धौलपुर जिले का किसान पिछले कुछ सालों से मौसम की मार झेलते आ रहे है. इस स्थिति में कई हेक्टेयर फसल खराबा के दौर से भी गुजरी है. ऐसी ही स्थिति वर्तमान में रबी की फसल पर भी देखी जा रही है. इस समय सरसों, आलू, चना और दलहन की फसल पकने के कगार पर है और कई इलाकों में यह फसल पक भी चुकी है. लेकिन अभी हाल ही में हुई बारिश के बाद सरसों की पर माहू कीट का हमला होने से पैदावार कम होने की संभावना है, जिससे किसान चिंतित नजर आ रहा हैं.

माहू कीट ने किसानों की बढ़ा दी है चिंता

धौलपुर जिले के किसानों को सरसों की खेती कम लागत में अच्छा मुनाफा देने वाली फसल मानी जाती रही है और खेतों में सरसों की फसल लहलहा रही है. लेकिन माहू कीट के प्रकोप ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. यह कीट फसल को बर्बाद करने की क्षमता रखता है. फूल का रस चूसने के कारण सरसों का पौधा कमजोर हो जाता है, जिससे सरसों के दाने का आकार छोटा रह जाता है. इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ता है.

कृषि विभाग ने बताया कैसे करें बचाव 

कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक, प्रभुदयाल शर्मा ने बताया कि धौलपुर जिले में एक लाख पचास हजार हेक्टेयर में रबी  फसल की बुवाई हुई है. उन्होंने बताया कि वर्तमान में फसलें अच्छी अवस्था में हैं और गेहूं की अधिक पैदावार होने की संभावना है. सरसों की देरी से बुवाई हुई थी, जिसमें माहू (चेपा) कीट का प्रकोप देखा गया है. ऐसे में प्रभुदयाल शर्मा ने किसानों से अपील की है कि सरसों की फसल पर तरल कीटनाशक और नीम का छिड़काव करें, जिससे माहू कीट सरसों पर नहीं लगेगा और उड़ जाएगा. उन्होंने कहा कि फसल पकने के बाद काटें और उसे अच्छी तरह सुखाएं. इस बार आलू की फसल का करीब तीन हजार हेक्टेयर एरिया बढ़ा है. यहां के आलू को चिप्स बनाने वाली कंपनियां सीधे ही किसानों से खरीद रही हैं. उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने आलू की फसल उगाई है उनको तुरंत मूंग की फसल कर लेनी चाहिए. क्योंकि इस समय मूंग उगाने पर खाद भी नहीं देनी पड़ेगी और अच्छी फसल होगी. (उमेश मिश्रा की रिपोर्ट)

MORE NEWS

Read more!