
आंध्र प्रदेश के तोतापुरी आम उत्पादकों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. दरअसल, केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के तहत एक हाई-लेवल एक्सपर्ट कमेटी गठित करने का निर्देश दिया है. यह समिति तोतापुरी आम की कीमतों में आई गिरावट के कारणों की जांच करेगी और किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ इस पूरे सेक्टर के विकास के लिए सुझाव देगी.
यह फैसला शिवराज सिंह चौहान की हालिया आंध्र प्रदेश यात्रा के बाद लिया गया. दौरे के दौरान उन्होंने तोतापुरी आम उत्पादक किसानों से मुलाकात की थी, तब किसानों ने उन्हें बताया था कि पिछले कुछ महीनों से तोतापुरी आम के दाम लगातार गिर रहे हैं, जिससे उनकी आय पर सीधा असर पड़ा है जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ है.
तोतापुरी आम की खेती मुख्य रूप से जूस, पल्प और अन्य प्रोसेस्ड उत्पाद बनाने वाली इंडस्ट्री के लिए की जाती है. लेकिन इस साल बाजार में कीमतें उम्मीद से काफी कम रहने के कारण किसानों को अपनी लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है. कई किसानों ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी. किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आईसीएआर को विशेषज्ञों की एक समिति बनाने का निर्देश दिया है, ताकि पूरे मामले की वैज्ञानिक और व्यावहारिक तरीके से जांच की जा सके.
सरकार द्वारा गठित यह समिति केवल कीमतों में गिरावट की वजह ही नहीं तलाशेगी, बल्कि खेती से लेकर प्रोसेसिंग, मार्केटिंग, घरेलू बिक्री और निर्यात तक पूरी वैल्यू चेन का अध्ययन करेगी. समिति यह भी पता लगाएगी कि उत्पादन लागत, प्रोसेसिंग क्षमता, मांग और आपूर्ति, बाजार व्यवस्था सहित निर्यात से जुड़े कौन-कौन से कारण किसानों की आय को प्रभावित कर रहे हैं. इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि सेक्टर को अधिक प्रतिस्पर्धी और लाभकारी कैसे बनाया जा सकता है.
आईसीएआर–सेंट्रल इंस्टीट्यूट फॉर सबट्रॉपिकल हॉर्टिकल्चर (CISH), लखनऊ की ओर से जारी आदेश के अनुसार, समिति की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. टी. दामोदरन करेंगे. समिति में आईसीएआर, बेंगलुरु के वैज्ञानिक, आंध्र प्रदेश की डॉ. वाईएसआर हॉर्टिकल्चरल यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ और राज्य सरकार के बागवानी विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे. शिवराज सिंह चौहान ने समिति को निर्देश दिया है कि वह अगले 10 दिनों के भीतर आंध्र प्रदेश के प्रमुख तोतापुरी आम उत्पादक इलाकों का दौरा करें. इस दौरान समिति किसानों, प्रोसेसिंग कंपनियों, निर्यातकों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), बागवानी विभाग के अधिकारियों और अन्य संबंधित पक्षों से बातचीत करेगी,
समिति अपने दौरे और अध्ययन के बाद कृषि मंत्री को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी. इस रिपोर्ट में कीमतों को स्थिर करने, किसानों की आय बढ़ाने, प्रोसेसिंग और निर्यात क्षमता मजबूत करने, वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने और किसान उत्पादक संगठनों, प्रोसेसर और निर्यातकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के सुझाव दिए जाएंगे. सरकार का मानना है कि इन सुझावों के आधार पर केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर ऐसी नीतियां बना सकेंगी, जिससे तोतापुरी आम उत्पादकों को लंबे समय तक लाभ मिल सके.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि तोतापुरी आम उत्पादकों की आय और आजीविका की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार आवश्यक कदम उठाएगी ताकि किसानों को स्थायी सहायता मिल सके, आम की वैल्यू चेन मजबूत हो, प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिले. साथ ही इस सेक्टर में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा हों. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल मौजूदा संकट का समाधान करना नहीं है, बल्कि तोतापुरी आम उत्पादन को भविष्य में अधिक लाभकारी, टिकाऊ और प्रतिस्पर्धी बनाना भी है. इससे किसानों की आय बढ़ेगी और देश के आम निर्यात को भी नई मजबूती मिलेगी.