Onion Price: प्याज के दाम 10–12 रुपये किलो पर पहुंचे, किसानों में आक्रोश के बाद आंदोलन तेज

Onion Price: प्याज के दाम 10–12 रुपये किलो पर पहुंचे, किसानों में आक्रोश के बाद आंदोलन तेज

सोलापुर APMC में प्याज के दाम 10–12 रुपये प्रति किलो तक गिरने पर किसानों में जबरदस्त आक्रोश फूट पड़ा. स्वाभिमानी शेतकरी संघटना ने नीलामी प्रक्रिया रोककर जोरदार आंदोलन किया. किसानों ने प्याज का MSP 4,500 रुपये प्रति क्विंटल करने, 3,000 रुपये अनुदान देने और नीलामी में पारदर्शिता की मांग उठाई.

Onion farmers protest MaharashtraOnion farmers protest Maharashtra
क‍िसान तक
  • Solapur,
  • Mar 04, 2026,
  • Updated Mar 04, 2026, 10:35 AM IST

महाराष्ट्र में सोलापुर के कृषि उत्पन्न बाजार समिति (APMC) में प्याज के दामों में भारी गिरावट के चलते सोमवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया. केवल 10–12 रुपये प्रति किलो के औसत भाव ने किसानों के धैर्य की सीमा पार कर दी, जिसके बाद स्वाभिमानी शेतकरी संघटना ने बाजार परिसर में जोरदार आंदोलन शुरू किया. जानकारी के अनुसार, प्रतिदिन 200–250 ट्रक प्याज की आवक हो रही है, लेकिन बढ़ती लागत, मजदूरी, परिवहन और भंडारण खर्च को देखते हुए किसानों को मिल रहा भाव बेहद निराशाजनक है.

किसानों का कहना है कि इतने कम दामों पर बिक्री करने पर उत्पादन लागत भी पूरी नहीं हो रही, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और खराब होती जा रही है. किसानों ने कहा कि प्याज का दाम दिलाने के लिए प्रदेश और केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए.

बाजार समिति में हंगामा, नीलामी रोकने की कोशिश

स्वाभिमानी शेतकरी संघटना के कार्यकर्ताओं ने APMC में प्रवेश कर ‘बोंबाबोंब आंदोलन’ शुरू कर दिया. उन्होंने जारी नीलामी प्रक्रिया को रोकने की कोशिश की और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए जोरदार नारेबाजी की. 

किसानों का आरोप है कि व्यापारी मिलकर उन्हें दबाव में रख रहे हैं और नीलामी प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है. किसानों ने कहा कि यदि सरकार और प्रशासन अब भी कार्रवाई नहीं करता, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.

किसानों की प्रमुख मांगें

स्वाभिमानी शेतकरी संघटना और किसानों ने आंदोलन के दौरान तीन प्रमुख मांगें उठाईं-

  • प्याज का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 4,500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाए.
  • किसानों को 3,000 रुपये प्रति क्विंटल अनुदान दिया जाए.
  • APMC नीलामी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता लाई जाए.

किसानों का कहना है कि मौजूदा हालात में उन्हें किसी भी तरह का मुनाफा नहीं बचता, और यदि सरकार तुरंत राहत नहीं देती, तो अगला सीजन बोना भी मुश्किल हो जाएगा.

दूसरी ओर, मंडी समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि सोलापुर में केवल महाराष्ट्र का प्याज नहीं बल्कि अन्य कई राज्यों से आवक हो रही है. राजस्थान, कर्नाटक, मध्य प्रदेश से प्याज की खेप आ रही है. इससे मंडी में आवक बहुत अधिक बढ़ गई है जिससे मांग और सप्लाई का समीकरण बिगड़ गया है. मांग की तुलना में प्याज की सप्लाई बहुत अधिक है जिससे दाम में गिरावट दर्ज हो रही है. 

अमेरिका और ईरान की लड़ाई ने प्याज के निर्यात को ठप कर दिया है. मुंबई के जेएनपीटी पोर्ट पर प्याज से लदे सैकड़ों कंटेनर फंसे हैं जिनकी सप्लाई खाड़ी देशों में होनी थी. निर्यात रुकने से भी प्याज के दाम में गिरावट आई है. किसानों को डर है कि एक तरफ प्याज के भाव गिर रहे हैं तो दूसरी ओर कंटेनर में फंसा उनका प्याज एक-दो दिन में खराब हो जाएगा. इससे उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ेगी.

सोलापुर में माहौल गरम

प्याज के दामों में आई इस भारी गिरावट से सोलापुर में माहौल गरमा गया है. प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है. हालांकि, किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक दामों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन और तेज किया जाएगा. क्या किसानों को मिलेगा उचित दाम, या फिर प्याज के आंसू एक बार फिर सरकार को घेरेंगे? सोलापुर की मंडी पर पूरे राज्य की नजर टिकी हुई है.(विजय बाबर की रिपोर्ट)

MORE NEWS

Read more!