
पंजाब के संगरूर जिले में गुरुवार सुबह नहर में बड़ा कटाव होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है. उगड़ाहां गांव के पास नीलोवाल नहर में सुबह 8 बजे करीब 70 फीट चौड़ा कटाव पड़ गया. इससे नहर का पानी तेजी से आसपास के खेतों में भरने लगा और देखते ही देखते सैकड़ों एकड़ में खड़ी धान की फसल पानी में डूब गई. नहर में कटाव की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों के लोग और किसान मौके पर पहुंच गए. किसानों ने बताया कि पानी तेजी से खेतों की ओर बढ़ रहा है. ऐसे में कई किसानों की धान की फसल पूरी तरह पानी की चपेट में आ गई है.
किसान जगदेव सिंह ने बताया कि कटाव उनके खेत के पास ही हुआ है, जिससे उनकी करीब 16 एकड़ धान की फसल पानी में डूब गई है. उनका कहना है कि कुछ ही समय बाद धान की कटाई होने वाली थी और फसल से अच्छी आमदनी की उम्मीद थी, लेकिन नहर टूटने से पूरी फसल पर संकट खड़ा हो गया है.
किसानों का आरोप है कि नहर के किनारे लंबे समय से कमजोर थे. उन्होंने कई बार प्रशासन और नहरी विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी थी और नहर के किनारों को मजबूत करने की मांग भी की थी. किसानों का कहना है कि अगर समय रहते नहर की मरम्मत कर दी जाती तो यह स्थिति नहीं बनती. किसान प्रदुमन सिंह ने बताया कि नहर की समस्या को लेकर पहले भी प्रशासन को शिकायतें दी गई थीं, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया. अब नहर में बड़ा कटाव होने से किसानों की तैयार फसल बर्बाद होने के कगार पर है.
घटना के बाद प्रशासन और नहरी विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और कटाव को बंद करने का काम शुरू किया. अधिकारियों ने नहर का पानी दूसरी तरफ डायवर्ट किया, ताकि खेतों में पानी का बहाव कम किया जा सके. कटाव को बंद करने के लिए जेसीबी मशीनें, सैंडबैग और मिट्टी से भरी ट्रॉलियां मौके पर भेजी गई हैं. अधिकारियों के मुताबिक पानी का स्तर कम होने के बाद कटाव को पूरी तरह बंद किया जाएगा. प्रशासन की कोशिश है कि जल्द से जल्द नहर को बंद कर खेतों में पानी का फैलाव रोका जाए.
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि नहर के कटाव को जल्द बंद करने के साथ-साथ खेतों से पानी निकालने की व्यवस्था भी की जाए. इसके अलावा जिन किसानों की धान की फसल को नुकसान हुआ है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए. फिलहाल किसानों की नजर प्रशासन की राहत कार्रवाई और फसल को बचाने के प्रयासों पर बनी हुई है. (कुलवीर सिंह की रिपोर्ट)