UP News: आंधी-बारिश से धान की फसल बर्बाद! चारपाई के सहारे फसल निकालने को मजबूर किसान 

UP News: आंधी-बारिश से धान की फसल बर्बाद! चारपाई के सहारे फसल निकालने को मजबूर किसान 

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में आंधी और तेज बारिश ने किसानों की पकी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है. कई खेतों में धान की फसल पानी में डूब गई है, जिसके बाद किसान पानी में उतरकर किसी तरह फसल बचाने में जुटे हैं. 

धान की फसल बर्बादधान की फसल बर्बाद
सौरभ पांडेय
  • Pilibhit,
  • Oct 08, 2026,
  • Updated Oct 08, 2026, 4:43 PM IST

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में बुधवार रात आई तेज आंधी, तूफान और बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल तेज हवा से जमीन पर बिछ गई और बारिश के बाद पानी में डूब गई, जिसके बाद कई इलाकों में किसान अपनी फसल का एक-एक दाना बचाने के लिए पानी से भरे खेतों में उतरकर कटाई कर रहे हैं. बिलसंडा ब्लॉक के घनश्यामपुर और मकरंदापुर गांव में हालात सबसे ज्यादा परेशान करने वाले नजर आए. यहां किसान पानी के बीच खड़े होकर धान की कटाई कर रहे हैं. कटी हुई फसल को चारपाई पर रखकर खेत से बाहर निकाला जा रहा है. किसानों का कहना है कि उन्होंने जिस फसल को महीनों की मेहनत से तैयार किया था, उसे अब पानी के बीच बचाना मुश्किल हो रहा है.

पहले की बारिश से नहीं निकला था पानी

किसानों के मुताबिक, करीब एक सप्ताह पहले भी लगातार कई दिनों तक बारिश हुई थी. इस बारिश का पानी अभी खेतों से पूरी तरह निकल भी नहीं पाया था कि बुधवार रात फिर तेज बारिश हो गई. इसके साथ तेज हवाएं और गरज-चमक ने धान की बची हुई फसल को भी नुकसान पहुंचाया. कई खेतों में धान की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है. इससे किसानों के सामने फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है.

चारपाई के सहारे निकाल रहे धान

घनश्यामपुर और मकरंदापुर गांव में किसान और उनके परिवार के लोग पानी में उतरकर धान काट रहे हैं, और कटी हुई फसल को चारपाई पर लादकर खेत से बाहर निकाला जा रहा है. किसानों का कहना है कि अभी उनका पूरा ध्यान किसी तरह धान को खेत से बाहर निकालने पर है, ताकि जो फसल बच सकती है उसे बचाया जा सके. कई जगह किसान खुद के साथ मजदूरों और बच्चों की मदद से भी फसल निकालने में जुटे हुए हैं. 

किसानों ने सरकार से मांगी मदद

किसानों का कहना है कि लगातार बारिश से उनकी खेती का खर्च और मेहनत दोनों खतरे में पड़ गए हैं. पहले की बारिश से हुए नुकसान से वे अभी संभल भी नहीं पाए थे कि दोबारा बारिश ने संकट और बढ़ा दिया है. किसानों ने सरकार और प्रशासन से फसल नुकसान का सही आकलन कराने और उचित मुआवजा देने की मांग की है. किसानों का कहना है कि अगर समय पर मदद नहीं मिली तो उनके लिए अगली फसल की तैयारी करना भी मुश्किल हो जाएगा. 

प्रशासन ने शुरू किया नुकसान का सर्वे

पीलीभीत के एडीएम प्रसून द्विवेदी ने बताया कि बारिश से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है. नुकसान से जुड़ा डेटा एकत्र किया जा रहा है. सर्वे पूरा होने के बाद प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. फिलहाल पीलीभीत के कई इलाकों में किसान पानी से भरे खेतों में उतरकर अपनी पक चुकी धान की फसल को बचाने में जुटे हैं. किसानों के लिए इस समय सबसे बड़ी चुनौती खेत से धान निकालकर उसे सुरक्षित जगह तक पहुंचाना है. 

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