MP News: खरगोन के किसानों के साथ हुआ धोखा, 1500 एकड़ में लगे मक्के में नहीं आया दाना

MP News: खरगोन के किसानों के साथ हुआ धोखा, 1500 एकड़ में लगे मक्के में नहीं आया दाना

खरगोन जिला मुख्यालय के आसपास के कई गांव के सैकड़ों किसानों ने बड़ी उम्मीद से मक्का फसल लगाई थी. जब फसल तैयार हुई तो किसान भुट्टे देखकर दंग रह गए. पौधों पर भुट्टे तो लगे हैं लेकिन उनमें दाने नहीं है. ये समस्या एक दो किसानों की नहीं, करीब 200 किसानों की है.

मक्के में नहीं आया दानामक्के में नहीं आया दाना
उमेश रेवलिया
  • Khargone,
  • Sep 26, 2024,
  • Updated Sep 26, 2024, 2:27 PM IST

मध्य प्रदेश के खरगोन से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. दरअअसल, यहां के 200 से अधिक किसानों के अपने 1500 एकड़ खेतों में मक्के की फसल लगाई थी, जिसमें दाना नहीं आया है. इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है. किसानों द्वारा लगाए गए मक्के के पौधे में किसी में एक भुट्टा और किसी मक्के में तीन-तीन भुट्टे लगे हैं फिर भी उसमें दाने नहीं आए है. इस मामले को लेकर नाराज किसानों ने कलेक्टर से बीज कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आग्रह किया है.  

मक्के में नहीं आया दाना 

खरगोन जिला मुख्यालय के आसपास के कई गांव के सैकड़ों किसानों ने बड़ी उम्मीद से मक्का फसल लगाई थी. जब फसल तैयार हुई तो किसान भुट्टे देखकर दंग रह गए. पौधों पर भुट्टे तो लगे हैं लेकिन उनमें दाने नहीं है. ये समस्या एक दो किसानों की नहीं, करीब 200 किसानों की है. किसानों की 700 एकड़ से अधिक फसल में भुट्टे के दाने नहीं आए हैं.

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किसानों ने दर्ज की शिकायत

कर्ज लेकर मक्का फसल लगाने वाले किसानों को अब फसल उत्पादन न मिलने पर कर्ज चुकाने की चिंता सता रही है. किसानों ने एक विशेष कंपनी का बीज खरीदा था जो खराब निकला. अब किसान अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं. इसको लेकर किसानों ने कलेक्टर सहित उपसंचालक कृषि विभाग को शिकायत की है. कृषि विभाग द्वारा खेतों में खड़ी मक्का की फसल का सर्वे करके पंचनामा बनाया गया है.

ठगे गए इन गांवों के किसान 

जिले के ग्राम नागझिरी, उमरखली, कुम्हार खेड़ा एवं कोठा खुर्द के किसानों की शिकायत थी कि एटवांटा कंपनी के मक्का बीज किस्म पीएसी 751 के पैकेट अलग-अलग दुकानों से खरीद कर लाए थे. फिर बीज बोने के बाद मक्का के भुट्टों में दाने नहीं बने, एक स्थान पर एक से अधिक भुट्टे निकले और फसल सूखने लगी. इससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है, जिससे किसान काफी निराश और नाराज हैं.

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