
मिजोरम के किसानों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. दरअसल, राज्य के कृषि और किसान कल्याण मंत्री पीसी वनलालरुआता ने विधानसभा में बताया कि सरकार 2026–27 के बजट में एक खास योजना के तहत पांच प्रमुख फसलों की खरीद के लिए 150 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है. मुख्यमंत्री लालदुहोमा, जिनके पास वित्त विभाग की जिम्मेदारी भी है, वो आज यानी 26 फरवरी को 2026–27 वित्तीय वर्ष का राज्य बजट पेश करेंगे.
ऐसे में सरकार ने फैसला किया है कि अगले साल भी स्थानीय किसानों से उगाई गई फसलें खरीदी जाती रहेंगी. इनमें अदरक, मिर्च, सूखी झाड़ू, हल्दी और धान शामिल हैं. इससे किसानों को अपनी फसल बेचने की गारंटी मिलेगी, आमदनी बढ़ेगी और खेती को मजबूती मिलेगी. उन्होंने घोषणा की है कि सरकार ने 2 फरवरी से अदरक और दूसरी मुख्य फसलों की खरीद का प्रोसेस शुरू कर दिया है.
कृषि मंत्री वनलालरुआता ने कहा कि हमारा लक्ष्य किसानों को उनकी फसलें सही दामों पर बेचने में मदद करना है. हम चाहते हैं कि उन्हें अपने अदरक को 50 रुपये प्रति किलो से ज्यादा कीमत पर बेचने के लिए खरीदार मिलें. अगर किसान 50 रुपये प्रति किलो से कम पर अदरक बेचते हैं, तो सरकार बाकी रकम सपोर्ट प्राइस के तौर पर देगी ताकि यह 50 रुपये प्रति किलो हो जाए.
पिछले हफ्ते, वनलालरुआता ने विधानसभा को बताया था कि राज्य सरकार को 2024-25 के फ़ाइनेंशियल ईयर के दौरान अदरक की खरीद में 128.38 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. मंत्री ने कहा था कि अदरक उगाने वालों को सपोर्ट प्राइस के तौर पर 141.16 करोड़ रुपये जारी किए गए, जबकि 2024-25 में अदरक की बिक्री से सिर्फ़ 12.78 करोड़ रुपये ही मिले हैं.
अपने चुनाव से पहले के वादों को पूरा करते हुए, लालदुहोमा की लीडरशिप वाली ज़ोरम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) सरकार, किसानों द्वारा लोकल लेवल पर उगाई जाने वाली पांच खास फसलों- अदरक, हल्दी, झाड़ू, मिर्च और धान को सपोर्ट प्राइस सिस्टम के ज़रिए खरीद रही है. (PTI)