
केरल सरकार ने धान खरीद व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है. राज्य के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री अनूप जैकब ने कहा है कि जो प्राइवेट राइस मिलें तय समय पर धान खरीद से जुड़ी प्रक्रिया पूरी नहीं करती हैं, उनकी जांच की जाएगी. साथ ही सरकार धान खरीद और मिलिंग व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राइस मिलों को सप्लाईको (Supplyco) के नेतृत्व वाले केंद्रीकृत सिस्टम के तहत लाने की संभावना पर भी विचार कर रही है.
विधानसभा में विधायक ए.डी. थॉमस के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री अनूप जैकब ने कहा कि अभी केरल की धान खरीद व्यवस्था काफी हद तक प्राइवेट राइस मिलों पर निर्भर है. जिसके कारण कई बार मिलिंग में देरी और अन्य समस्याओं के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. मंत्री ने कहा कि सरकार इस व्यवस्था में बदलाव लाने पर विचार कर रही है. अगर राइस मिलों को सप्लाईको (केरल राज्य नागरिक आपूर्ति निगम) के नेतृत्व वाले सिस्टम के तहत लाया जाता है तो इससे धान खरीद प्रक्रिया ज्यादा व्यवस्थित और पारदर्शी हो सकती है. सरकार इस दिशा में संभावनाओं का अध्ययन करेगी और इसके बाद जरूरी कदम उठाए जाएंगे.
धान खरीद के दौरान सबसे बड़ी समस्याओं में से एक भंडारण की कमी है. मंत्री अनूप जैकब ने बताया कि पर्याप्त स्टोरेज सुविधा नहीं होने के कारण किसानों और खरीद एजेंसियों को दिक्कत होती है. इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार बीच की अवधि के लिए गोदाम या इंटरमीडियरी स्टोरेज सिस्टम तैयार करने पर विचार कर रही है. इससे खरीदे गए धान को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी और किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी कम होगी.
केरल में किसानों को धान खरीद के लिए पैडी रिसिप्ट शीट (PRS) लोन सिस्टम के जरिए भुगतान किया जाता है. इस व्यवस्था में बैंक किसानों को एडवांस राशि उपलब्ध कराते हैं और बाद में मूलधन और ब्याज चुकाने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है. मंत्री जैकब ने कहा कि सरकार इस सिस्टम को बंद करने या इसमें बड़ा बदलाव करने की योजना नहीं बना रही है, लेकिन इसकी कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए तकनीकी सुधार किए जाएंगे. उन्होंने बताया कि कई बार बैंक द्वारा भुगतान संबंधी जानकारी समय पर अपडेट नहीं करने से किसानों को परेशानी होती है. इससे कुछ किसानों के क्रेडिट स्कोर पर भी असर पड़ने की शिकायतें सामने आई हैं.
सरकार अब ऐसा सिस्टम तैयार करने की योजना बना रही है, जिससे सप्लाईको पोर्टल और बैंक कंसोर्टियम के बीच बेहतर तालमेल हो सके. इसके लिए वेब-सर्विस इंटीग्रेशन लागू करने की तैयारी है, ताकि भुगतान की जानकारी तुरंत अपडेट हो सके. मंत्री जैकब ने भरोसा दिलाया कि किसानों को धान खरीद का भुगतान बिना देरी के सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाने के लिए व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा. उन्होंने बताया कि पिछली सरकार के कार्यकाल के अंत में किसानों के धान खरीद भुगतान का करीब 702 करोड़ रुपये बकाया था. सरकार अब लंबित भुगतान को जल्द पूरा करने और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए कदम उठा रही है.
केरल में धान खरीद के लिए सप्लाईको प्राइवेट राइस मिलों से धान की प्रोसेसिंग कराती है. हालांकि, किसान संगठन लंबे समय से मिलिंग में देरी, भंडारण की कमी और भुगतान में देरी जैसी समस्याओं को उठाते रहे हैं. सरकार के नए कदमों का उद्देश्य धान खरीद प्रक्रिया को आसान बनाना, किसानों को समय पर भुगतान दिलाना और पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना है. अगर राइस मिलों को केंद्रीकृत सिस्टम से जोड़ा जाता है तो इससे किसानों को भविष्य में बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है. (PTI)