
राजस्थान में इस बार सामान्य से बेहतर रही प्री-मॉनसून बारिश का असर खरीफ सीजन की बुवाई पर दिखाई देने लगा है. आमतौर पर मॉनसूनी राज्यों में किसान नियमित बारिश के बाद बड़े पैमाने पर बोनी करते हैं, लेकिन राजस्थान में शुरुआती बारिश से खेतों में नमी बनने के कारण किसानों ने समय रहते बुवाई शुरू कर दी. कृषि विभाग के 22 जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में खरीफ 2026 के लिए तय लक्ष्य का करीब 20 फीसदी क्षेत्र में बुवाई पूरी हो चुकी है. कृषि विभाग के मुताबिक इस साल खरीफ सीजन में 165.39 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई का लक्ष्य रखा गया है. इसके मुकाबले 32.78 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी हो चुकी है. पिछले साल इसी अवधि के दौरान राज्य में 32.84 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई थी. यानी कुल बुवाई शुरुआती चरण में पिछले साल के लगभग बराबर बनी हुई है.
अनाज फसलों में इस साल अब तक 12.10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 13.53 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी हुई थी. धान की बुवाई 31,353 हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 25,668 हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी हुई थी. वहीं, ज्वार की बुवाई 1.44 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 78,072 हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी हुई थी.
अब तक बाजरा की बुवाई 9.84 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 10.58 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी हुई थी. मक्का की बुवाई 50,452 हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 1.91 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी हुई थी. वहीं, स्मॉल मिलेट्स में इस साल बुवाई दर्ज नहीं हुई, जबकि पिछले साल इसी अवधि तक 340 हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी हुई थी.
दलहन फसलों में अब तक 5.99 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 4.84 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी हुई थी. मूंग की बुवाई 4.94 लाख हेक्टेयर में दर्ज हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 4.04 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी हुई थी.
मोठ की बुवाई 81,592 हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 56,056 हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी हुई थी. उड़द की बुवाई इस साल 8,876 हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 8,936 हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी हुई थी.
चौला की बुवाई इस साल 14,475 हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 15,296 हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी हुई थी.
वहीं, अरहर की बुवाई इस साल 32 हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 219 हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी हुई थी. अन्य खरीफ दलहन में इस साल बुवाई नहीं हुई, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 106 हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी हुई थी.
तिलहन फसलों में इस साल अब तक 5.53 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 6.39 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी हुई थी. तिल की बुवाई इस साल 7,284 हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 17,275 हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी हुई थी.
मूंगफली की बुवाई इस साल 5.37 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 4.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी हुई थी. सोयाबीन की बुवाई इस साल 14,352 हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 1.79 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी हुई थी. कैस्टर की बुवाई इस साल 539 हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 570 हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी हुई थी.
अन्य फसलों में इस साल 9.10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 7.86 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी हुई थी. गन्ना की बुवाई इस साल 3,769 हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 3,058 हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी हुई थी.
कृषि विभाग के अनुसार, अब तक कपास की बुवाई 4.79 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 5.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी हुई थी. ग्वार की बुवाई 3.12 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 1.33 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी हुई थी.
इन मुख्य फसलों के अलावा अन्य कई फसलों की बुवाई 1.15 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 1.02 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी हुई थी. कृषि विभाग के आंकड़े बताते हैं कि राजस्थान में खरीफ सीजन की शुरुआती रफ्तार को प्री-मॉनसून बारिश का सहारा मिला है. अब आने वाले दिनों में मॉनसून की सक्रियता तय करेगी कि राज्य तय लक्ष्य के मुकाबले बुवाई का दायरा कितनी तेजी से बढ़ा पाता है.