
कर्नाटक में सूखे की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने किसानों और पशुपालकों के लिए बड़ा फैसला लिया है. गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में सूखा प्रभावित इलाकों में चारे से जुड़े कामों के लिए 25 करोड़ रुपये मंजूर किए गए. इस राशि से चारे की खरीद, चारा उगाने और किसानों को चारा बीज किट बांटने का काम किया जाएगा. सरकार के मुताबिक, पशुपालन विभाग चारे की खरीद कर उसे जरूरत वाले इलाकों में उपलब्ध कराएगा. विभाग राज्य के बाहर से भी चारा खरीद सकेगा. इसके अलावा चारा उगाने वाले किसानों से भी चारा खरीदा जाएगा. सरकार का यह कदम सूखे की वजह से चारे की कमी का सामना कर रहे पशुपालकों के लिए राहत देने की कोशिश है. चारे की उपलब्धता बनाए रखने से मवेशियों को पालने वाले किसानों को मदद मिलने की उम्मीद है.
कर्नाटक में सूखे की स्थिति लगातार बनी हुई है. केंद्र के सूखा मैनुअल 2020 के आधार पर राज्य के 101 तालुकों को पहले ही सूखा प्रभावित घोषित किया जा चुका है. सरकार के मुताबिक, दूसरे चरण में 50 से 60 और तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया जा सकता है. डिप्टी सीएम जी. परमेश्वर ने कहा कि राज्य सरकार सूखे से हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर रही है. यह रिपोर्ट सितंबर के अंत तक केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी.
सरकार ने बताया कि सूखे से प्रभावित इलाकों में लोगों और पशुओं के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जा रहा है. राज्य सरकार अपने स्तर पर तत्काल जरूरतों को पूरा कर रही है. पीने के पानी के लिए 187 करोड़ रुपये रखे गए हैं. वहीं सूखा प्रभावित पात्र तालुकों में पीने के पानी, निर्माण कार्यों और चारे जैसी जरूरतों के लिए डिप्टी कमिश्नरों के पास 329 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं. इसके अलावा राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) के तहत 1,229 करोड़ रुपये मंजूर किए जा चुके हैं, हालांकि यह राशि अभी जारी नहीं हुई है.
डिप्टी सीएम जी. परमेश्वर ने कहा कि इस बार सूखे की स्थिति काफी गंभीर है. हालांकि, अगर सितंबर के दूसरे सप्ताह तक अच्छी बारिश होती है तो पानी और चारे की उपलब्धता को लेकर कुछ राहत मिल सकती है. साथ ही बारिश से खरीफ फसलों को भी फायदा मिलेगा. सरकार की ओर से सूखे से प्रभावित किसानों और पशुपालकों को राहत देने के लिए चारे की खरीद और वितरण पर खास ध्यान दिया जा रहा है. इससे पशुओं के लिए चारे की कमी को कुछ हद तक दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है. (PTI)