
भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (IIVR) ने किसानों के हित में एक बड़ा कदम उठाया है. इसी क्रम में आईआईवीआर वाराणसी ने अपनी उन्नत किस्मों कलमीसाग ‘काशी मनु’, पंखिया सेम “ काशी अन्नपूर्णा, चेरी टोमेटो -14 एवं ब्रिमटो के व्यावसायीकरण के लिए मि० फायटी नर्सरी टेक प्राइवेट लिमिटेड, चेन्नई, वनशांति एफपी वो, हैदराबाद एवं अग्रिप्रेनुर गौरव मौर्या, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश के साथ लाइसेंसिंग समझौता किया. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता निदेशक, डॉ राजेश कुमार आईआईवीआर ने की.
कार्यक्रम में विभागाध्यक्षों, पीएमई प्रकोष्ठ के अध्यक्ष एवं संबंधित फसल प्रजनकों की उपस्थिति रही. वहीं मि० फयती नर्सरी टेक प्राइवेट लिमिटेड, चेन्नई की तरफ़ से एस. वेज्हवेंद्रण, वनशांति एफपीवो, हैदराबाद की तरफ़ से शिवा सर्वन्नन अग्रुमन एवं अग्रिप्रेनुरे गौरव मौर्या, सोनभद्र से शामिल हुए.
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक, डॉ राजेश कुमार ने किसानों तक उन्नत किस्मों के प्रसार में सार्वजनिक निजी भागीदारी की महत्ता पर प्रकाश डाला तथा गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने में निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया. निदेशक ने निजी कंपनियों से आह्वान किया की उच्च गुणवक्ता युक्त बीजों की उपलब्धता किसानों तक पहुचाने में मदद करें तथा संस्थान द्वारा विकसित प्रजातियों की जैविक शुद्धता एवं सही प्रजाति के बीज उपलब्ध कराने में सहयोग करें.
उन्होंने कहा कि इन किस्मों का लाइसेंसिंग, किसानों की आय वृद्धि तथा सतत सब्जी उत्पादन प्रौद्योगिकियों के प्रसार में संस्थान के उद्देश्यों को और मजबूती प्रदान करेगा. प्रधान वैज्ञानिक डॉ राकेश कुमार दुबे ने किस्म काशी मनु एवं काशी अन्नपूर्णा की बीज उत्पादन सहित फ़सल प्रबंधन के बारे में बताया. प्रधान वैज्ञानिक डॉ जगेश तिवारी ने प्रजाति चेरी टोमेटो-14 के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की. वहीँ विभागाध्यक्ष, सब्जी उत्पादन डॉ. अनंत बहादुर नें ब्रिमैटो की तकनीक एवं उत्पादन के बारे में विस्तृत चर्चा की. डॉ ए. एन. सिंह सब्जी सुरक्षा विभागाध्यक्ष नें इन प्रजातियों के सुरक्षा तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
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