Crop Loss: महाराष्ट्र और पंजाब में बेमौसम बारिश का कहर, इतने लाख हेक्टेयर फसल हुई बर्बाद

Crop Loss: महाराष्ट्र और पंजाब में बेमौसम बारिश का कहर, इतने लाख हेक्टेयर फसल हुई बर्बाद

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने महाराष्ट्र और पंजाब में बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान पहुंचाया है. महाराष्ट्र में 2.05 लाख हेक्टेयर और पंजाब में 1.25 लाख एकड़ क्षेत्र प्रभावित हुआ है. सरकारों ने सर्वे शुरू कर राहत देने का भरोसा दिया है.

ओलावृष्टि से फसलें तबाह (AI- तस्वीर)ओलावृष्टि से फसलें तबाह (AI- तस्वीर)
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Apr 08, 2026,
  • Updated Apr 08, 2026, 7:00 AM IST

बीते मार्च से बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि फसलों पर जमकर कहर बरपा रही है. अब तक कई राज्यों में लाखों हेक्टेयर फसल बर्बाद हो चुकी है. मौसम के इस अचानक बदले मिजाज ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है और नुकसान का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. महाराष्ट्र में हालात सबसे ज्यादा गंभीर नजर आ रहे हैं, जहां कृषि विभाग के शुरुआती आकलन के मुताबिक, 2.05 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र की फसल प्रभावित हुई है. राज्य के 29 जिलों में मार्च से लेकर अप्रैल की शुरुआत तक तेज बारिश और ओलावृष्टि के कारण भारी नुकसान दर्ज किया गया है.

मार्च में 1.22 लाख हेक्‍टेयर फसल खराब हुई

मार्च के दूसरे पखवाड़े में महाराष्‍ट्र में करीब 1.22 लाख हेक्टेयर क्षेत्र की फसल खराब हुई, जबकि अप्रैल के शुरुआती दिनों में ही 82 हजार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा. नासिक, अहिल्यानगर, जलगांव और धुले जिलों में सबसे अधिक असर देखने को मिला है. इसके अलावा छत्रपति संभाजीनगर और बुलढाणा में भी बड़े पैमाने पर नुकसान दर्ज किया गया है. पुणे, सोलापुर, सांगली और जालना के कुछ हिस्सों के साथ-साथ विदर्भ, कोंकण और मराठवाड़ा क्षेत्र भी इस आपदा से अछूते नहीं रहे.

गेहूं, मक्‍का सहित कई फसलों को नुकसान

गेहूं, मक्का और ज्वार जैसी अनाज फसलें, चना जैसी दलहन और प्याज जैसी नकदी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. इसके अलावा केले, आम, अंगूर, अनार, तरबूज, खरबूज और अन्य फल-सब्जी उत्पादकों को भी भारी नुकसान झेलना पड़ा है. अधिकारियों का कहना है कि यह आंकड़े अभी प्रारंभिक हैं और जिलों में विस्तृत सर्वे जारी है. अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही राहत और मुआवजे को लेकर राज्य सरकार निर्णय लेगी.

पंजाब में भी 1.25 लाख एकड़ फसल पर असर

उधर, पंजाब में भी मौसम की मार से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं. राज्य के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडि्डयां ने बताया कि हालिया बारिश और ओलावृष्टि के चलते करीब 1.25 लाख एकड़ क्षेत्र की फसल प्रभावित हुई है. सबसे ज्यादा नुकसान फाजिल्का जिले में करीब 45 हजार एकड़ में दर्ज किया गया है. इसके बाद मुक्तसर में लगभग 43 हजार एकड़ और बठिंडा में करीब 20 हजार एकड़ क्षेत्र में फसल खराब हुई है.


मंत्री ने बताया कि जिस समय यह खराब मौसम आया, उस समय गेहूं की फसल कटाई के लिए पूरी तरह तैयार खड़ी थी, जिससे किसानों को सीधा आर्थिक झटका लगा है. राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और किसानों को मुआवजा देने का भरोसा भी दिया गया है. हालांकि, अंतिम राहत पैकेज सर्वे रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा.(पीटीआई)

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