
महाराष्ट्र के अमरावती जिले के अंजनगांव सुर्जी क्षेत्र में एक कॉटन प्रोसेसिंग फैक्ट्री में आग लग गई. इससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया. दर्यापुर मार्ग स्थित हंतोडा फाटा पर मंगलवार सुबह कपास प्रोसेसिंग करने वाली एक फैक्ट्री में भीषण आग लगने से करोड़ों रुपये का भारी नुकसान हो गया. फैक्ट्री का नाम सागर कपास प्रसंस्करण उद्योग है जिसमें लगी आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप धारण कर लिया. देखते ही देखते आग ने कपास के बड़े-बड़े ढेर, यंत्र और अन्य सामग्री को अपनी चपेट में ले लिया. शुरुआती अनुमान के अनुसार इस घटना में लगभग 6 से 7 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार उद्योग परिसर में शासकीय खरीद और निजी खरीद से बड़ी मात्रा में कपास का भंडारण किया गया था. आग में 6000 क्विंटल से अधिक कपास, सरकी (कपास बीज) और कपास की अनेक गांठें जलकर पूरी तरह नष्ट हो गईं. इसके साथ ही उद्योग में मौजूद करीब 2 से 3 करोड़ रुपये की मशीन, उपकरण, अन्य सामग्री और टीन का शेड भी आग की भेंट चढ़ गया.
बताया जाता है कि मंगलवार सुबह लगभग साढ़े नौ से पौने दस बजे के बीच अचानक उद्योग परिसर में आग भड़क उठी. उस समय जिनिंग इकाई में कपास और सरकी का भारी भंडार होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और कुछ ही देर में पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया. आग की लपटों ने ऑटोमेटिक कपास ढुलाई गाड़ी और कपास बीज छांटने वाले यंत्रों को भी नुकसान पहुंचाया. आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि शेड की लगभग पच्चीस फुट ऊंचाई पर लगी टीन की चादरें भी जलकर नीचे गिर गईं.
घटना की सूचना मिलते ही अमरावती, दरियापुर, अकोट और परतवाड़ा से अग्निशमन दल के वाहन मौके पर पहुंचे. दमकल कर्मियों ने कई घंटों तक कड़ी मशक्कत कर आग पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया. हालांकि स्थानीय लोगों के अनुसार अंजनगांव नगर परिषद का दमकल वाहन देर से पहुंचने के कारण आग और अधिक फैल गई.
बताया जा रहा है कि इस उद्योग के संचालक लक्ष्मणकांत राठी, उदय राठी और जय राठी हैं. वहीं इस परिसर में शासकीय संस्था CCI की ओर से खरीदा गया कपास भी रखे जाने की जानकारी सामने आई है.
घटना की सूचना मिलते ही रहीमापुर पुलिस थाने के अधिकारी और पुलिस दल मौके पर पहुंच गया और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था संभाली. आग की भयावहता देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए. इस दौरान स्थानीय नागरिकों ने भी आग बुझाने में दमकल कर्मियों की सहायता की.
मौके पर नगर परिषद के अध्यक्ष अविनाश गायगोले, स्वास्थ्य सभापति प्रवीण नेमाडे सहित कई जनप्रतिनिधि और उद्योग संगठन के पदाधिकारी भी पहुंचकर स्थिति का जायजा लेते दिखाई दिए. फिलहाल आग लगने का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो सका है. हालांकि शुरुआती आशंका व्यक्त की जा रही है कि यंत्र के बहुत अधिक गर्म भाग में घिसाव से उत्पन्न चिंगारी के कारण आग भड़क सकती है. प्रशासन ने पूरे प्रकरण की गहन जांच शुरू कर दी है.