Advisory for Paddy: धान की फसल पर हो सकता है ब्राउन प्लांट होपर का अटैक, क्या करें क‍िसान? 

Advisory for Paddy: धान की फसल पर हो सकता है ब्राउन प्लांट होपर का अटैक, क्या करें क‍िसान? 

पूसा के कृष‍ि वैज्ञान‍िकों ने एक एडवाइजरी जारी कर कहा है क‍ि क‍िसान इस मौसम में कीटों की रोकथाम के लिए लाइट ट्रैप का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए एक प्लास्टिक के टब या किसी बरतन में पानी और थोड़ा कीटनाशी मिलाकर एक बल्ब जलाकर रात में खेत के बीच में रखे दें.  

धान फसल में ब्राउन प्लॉन्ट हॉपर BPH का प्रकोप बढ़ा है. धान फसल में ब्राउन प्लॉन्ट हॉपर BPH का प्रकोप बढ़ा है.
क‍िसान तक
  • New Delhi ,
  • Oct 03, 2024,
  • Updated Oct 03, 2024, 1:44 PM IST

खरीफ सीजन की मुख्य फसल धान की कटाई का वक्त आ गया है. अगले 20-25 द‍िन में ज्यादातर जगहों पर कटाई शुरू हो जाएगी. लेक‍िन ऐसे वक्त में भी फसल को लेकर अलर्ट रहने की जरूरत है, वरना पूरे सीजन की मेहनत पर पानी फ‍िर सकता है. पूसा के वैज्ञान‍िकों ने एक एडवाइजरी जारी करके बताया है क‍ि इस मौसम में धान की फसल को नष्ट करने वाले ब्राउन प्लांट होपर का आक्रमण शुरू हो सकता है. इसल‍िए किसान खेत के अंदर जाकर पौध के निचले भाग के स्थान पर मच्छरनुमा कीट का निरीक्षण करें. अगर कीट का प्रकोप अधिक है तो इमिडाक्लोप्रिड़ @ 0.3 मिली प्रति लीटर की दर से आसमान साफ होने पर छिड़काव करें. 

इस मौसम में धान की फसल में तना छेदक कीट की निगरानी के लिए फीरोमोन ट्रैप का इस्तेमाल करें. प्रत‍ि एकड़ 4-6 ट्रैप लगाए जा सकते हैं. प्रकोप अधिक हो तो करटाप दवाई 4 फीसदी दानें 10 किलोग्राम/एकड़ का बुरकाव करें. बहुत जरूरी हो तो ही कीटनाशक का इस्तेमाल करें. धान की कटाई से कम से कम 20 द‍िन पहले स्प्रे करने से बचें.  

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कीटों से बचाने का देसी तरीका 

इस मौसम में कीटों की रोकथाम के लिए लाइट ट्रैप का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए एक प्लास्टिक के टब या किसी बरतन में पानी और थोड़ा कीटनाशी मिलाकर एक बल्ब जलाकर रात में खेत के बीच में रखे दें. लाइट से कीट आकर्षित होकर उसी घोल पर गिरकर मर जाएंगे. इस ट्रैप से अनेक प्रकार के हानिकारक कीटों का नाश होगा. 

म‍िर्च के संक्रम‍ित पौधों का क्या करें 

इस मौसम में सब्जियों (मिर्च, बैंगन) में यदि फल छेदक, शीर्ष छेदक एवं फूलगोभी व पत्तागोभी में डायमंड बेक मोथ का प्रकोप हो सकता है. निगरानी के लिए फीरोमोन ट्रैप 4-6 प्रति एकड़ की दर से लगाए तथा प्रकोप अधिक हो तो स्पेनोसेड़ दवाई 1.0 मिली/4 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव आसमान साफ होने पर करें. मिर्च तथा टमाटर के खेतों में विषाणु रोग से ग्रसित पौधों को उखाड़कर जमीन में गाड़ दें. यदि प्रकोप अधिक है तो इमिडाक्लोप्रिड़ @ 0.3 मि.ली. प्रति लीटर की दर से छिड़काव आसमान साफ होने पर करें. 

मटर और सरसों की बुवाई 

इस मौसम में अगेती मटर की बुवाई कर सकते हैं. उन्नत किस्म पूसा प्रगति है. बीजों को कवकनाशी केप्टान या थायरम @ 2 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से मिलाकर उपचार करें. उसके बाद फसल विशेष राईजोबियम का टीका अवश्य लगाएं. गुड़ को पानी में उबालकर ठंडा कर लें और राईजोबियम को बीज के साथ मिलाकर उपचारित करके सूखने के लिए किसी छायेदार स्थान में रख दें तथा अगले दिन बुवाई करें. सरसों की अगेती बुवाई के लिए पूसा सरसों-25, पूसा सरसों-26, पूसा सरसों 28, पूसा अगर्णी, पूसा तारक और पूसा महक आदि के बीज की व्यवस्था करें. 

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