
राजस्थान में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. कई जिलों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है, जिससे खेती पर निर्भर परिवारों के सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है. इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रभावित किसानों के लिए तुरंत आर्थिक सहायता देने की मांग उठाई है. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में पिछले दिनों मौसम ने अचानक करवट ली, जिसके चलते तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई. इसका सबसे ज्यादा असर गेहूं और मसाला फसलों पर देखा गया है. बीकानेर संभाग में गेहूं और इसबगोल को नुकसान पहुंचा है, जबकि नागौर क्षेत्र में इसबगोल, जीरा, गेहूं और सौंफ जैसी फसलें प्रभावित हुई हैं.
खेतों में तैयार खड़ी फसल के खराब होने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि पहले किसानों को खाद के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ा और अब मौसम की मार झेलनी पड़ रही है. उन्होंने राज्य सरकार से अपील की है कि बिना देरी किए प्रभावित किसानों को वित्तीय सहायता दी जाए ताकि उन्हें राहत मिल सके. उनका कहना है कि लगातार आ रही चुनौतियों ने किसानों की स्थिति को कमजोर कर दिया है.
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण बीते 24 घंटों में कई इलाकों में बारिश और तेज हवाएं दर्ज की गई हैं. पश्चिमी राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के करणपुर में अधिकतम 11.5 मिमी बारिश हुई, जबकि पूर्वी राजस्थान के उदयपुर जिले के कोटड़ा में 32 मिमी तक वर्षा रिकॉर्ड की गई. यह बदलाव आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है.
मौसम विभाग ने जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है. इन क्षेत्रों में 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. वहीं बीकानेर और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में फिलहाल मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, लेकिन 6 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हालात बदल सकते हैं.
मौसम विभाग के मुताबिक, 7 अप्रैल को इस मौसम प्रणाली का प्रभाव सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा. इस दौरान जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग में तेज आंधी, 50 से 60 किमी प्रति घंटा की हवाएं, मध्यम से भारी बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि हो सकती है. 8 अप्रैल को उत्तर और पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि बाकी हिस्सों में मौसम सामान्य रह सकता है.
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसल और खुले में रखे अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखें या ढक दें, ताकि बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान न हो. लगातार बदलते मौसम को देखते हुए खेतों में काम करते समय भी सतर्क रहने को कहा गया है. बेमौसम बारिश और आने वाले दिनों के खराब मौसम के पूर्वानुमान ने राजस्थान के किसानों की चिंता और बढ़ा दी है, जिससे राहत और सहायता की मांग तेज हो गई है. (पीटीआई)