कम कीमत का सदमा: मंडी में गेहूं बेचने आए किसान की हार्टअटैक से मौत, फसल हो गई थी खराब

कम कीमत का सदमा: मंडी में गेहूं बेचने आए किसान की हार्टअटैक से मौत, फसल हो गई थी खराब

भामाशाह मंडी में गेहूं की कम कीमत मिलने से तनाव में आए किसान की कथित हार्ट अटैक से मौत हो गई. पहले से बारिश और कर्ज के दबाव से जूझ रहे किसान के परिवार पर अब गहरा संकट आ गया है.

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चेतन गुर्जर
  • KOTA (Rajasthan),
  • Apr 10, 2026,
  • Updated Apr 10, 2026, 4:48 PM IST

कृषि संकट और बाजार की मार का एक और दर्दनाक मामला सामने आया है. भामाशाह मंडी में गेहूं बेचने पहुंचे एक किसान की कथित रूप से हार्टअटैक से मौत हो गई. बताया जा रहा है कि नीलामी के दौरान फसल की कम कीमत लगने से किसान गहरे तनाव में आ गए थे. पहले से ही बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान झेल रहे किसान पर यह झटका भारी पड़ गया.

जानकारी के अनुसार, झाड़आमली गांव निवासी 54 वर्षीय किसान हंसराज वैष्णव बुधवार सुबह करीब 11 बजे मंडी यार्ड में अपनी फसल की बिक्री के लिए पहुंचे थे. नीलामी के दौरान गेहूं का भाव उम्मीद से काफी कम लगा. इससे वे मानसिक दबाव में आ गए और अचानक अचेत होकर गिर पड़े. मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.

10 बीघा जमीन लीज पर

परिजनों ने बताया कि हंसराज सीमित जमीन के बावजूद किराए पर खेती कर परिवार चलाते थे. उनके पास करीब 4 बीघा खुद की जमीन थी, जबकि इस बार उन्होंने 10 बीघा जमीन लीज पर लेकर गेहूं की फसल बोई थी. लेकिन हाल ही में हुई बारिश और ओलावृष्टि ने फसल को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया, जिससे पहले ही आर्थिक स्थिति डगमगा गई थी.

मृतक के भांजे प्रवीण के मुताबिक, हंसराज सुबह 4 बजे ही पिकअप वाहन से गेहूं लेकर मंडी के लिए निकले थे. उन्हें उम्मीद थी कि फसल से कुछ राहत मिलेगी, लेकिन कम कीमत मिलने से वे बेहद परेशान हो गए. परिजनों का कहना है कि उन्हें पहले कोई गंभीर बीमारी नहीं थी, ऐसे में तनाव के चलते हार्टअटैक की आशंका जताई जा रही है.

परिवार पर पहले से ही कर्ज का बोझ था. पिछले साल सोयाबीन की फसल खराब होने के कारण करीब 8 लाख रुपये का कर्ज चढ़ गया था. बेटे अजय ने बताया कि पिता कर्ज लेकर खेती करते थे और उधार देने वाले लगातार दबाव बना रहे थे.

पुलिस के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सटीक कारणों की पुष्टि हो सकेगी. अनंतपुरा थाने के एएसआई ने बताया कि किसान मंडी में अचेत होकर गिरा था, जिसके बाद अस्पताल में उसकी मौत हो गई.

क्या है पूरा मामला

किसान का नाम हंसराज बैरागी (56) था जिनकी मंडी में मृत्यु हो गई. ये झाड़ आमली के रहने वाले थे. उनकी फसल बारिश की वजह से खराब हो गई थी. 
इस बार की बारिश में अत्यधिक ओलावृष्टि के कारण फसल खराब हो गई थी. वे भामाशाह मंडी कोटा में गेहूं बेचने आए थे. गेहूं में नमी के कारण अत्यधिक कम बोली लगाई गई तो इस वजह से मानसिक तनाव में थे. हंसराज को बिक्री के लिए टोकन भी नहीं मिला था. भामाशाह मंडी के सभी अधिकारी, क्रेता और विक्रेता का कहना था कि गेहूं खराब है.

इस वजह से वे मानसिक तनाव में थे. इससे पहले उनकी सोयाबीन की फसल खराब हो गई थी. उन्होंने 10 बीघा जमीन किराये पर ले रखी थी. 20,000 रुपये बीघा के हिसाब से 2 लाख रुपये उन्हें देने थे. उनके माथे पर 7-8 लाख रुपये का कर्जा भी था. उन्हें पहले से कोई बीमारी नहीं थी. किसान के भांजे प्रवीण वैष्णव ने बताया कि मृतक किसान का एक ही बेटा है.

 sub inspector थाना नथोरा, कोटा शहर के सब इंस्पेक्टर मंडी लाल ने बताया कि मृत्यु का कारण अचानक तबीयत खराब होना बताया जा रहा है. पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और पुलिस की जांच जारी है. मंडी में सुबह गेहूं बेचने के लिए आए थे और अचानक तबीयत खराब हो गई जिससे उनकी मृत्यु हो गई.

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