फाजिल्का की अनाज मंडी में बारिश के पानी से धान उपज को भारी नुकसान, चिंता में डूबे किसान

फाजिल्का की अनाज मंडी में बारिश के पानी से धान उपज को भारी नुकसान, चिंता में डूबे किसान

पंजाब के फाजिल्का की अनाज मंडी में लगातार बारिश से धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है. मंडी में ढाई से तीन फीट तक पानी भरने से खुले में रखी धान की ढेरियां डूब गईं और दाने पानी में बहने लगे.

Fazilka Mandi Paddy SubmergeFazilka Mandi Paddy Submerge
क‍िसान तक
  • Fazilka,
  • Oct 11, 2026,
  • Updated Oct 11, 2026, 6:56 PM IST

पंजाब के फाजिल्का जिले में लगातार हुई बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. फाजिल्का शहर की अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे बिक्री के लिए रखी धान की फसल पानी में डूबकर खराब हो गई. मंडी में ढाई से तीन फीट तक पानी भरने से धान की बोरियों और ढेरियों को भारी नुकसान पहुंचा है. इस बारिश ने किसानों के साथ-साथ आढ़तियों और मजदूरों को भी प्रभावित किया है.

मंडी में जलभराव से बर्बाद हुई धान की फसल

फाजिल्का की अनाज मंडी में सुबह से जारी बारिश के कारण खुले प्रांगण में रखी धान की फसल पानी में डूब गई. मंडी में कई जगह धान के ढेर पानी से घिरे नजर आए, जबकि बड़ी मात्रा में धान के दाने पानी के ऊपर तैरते दिखाई दिए. किसानों के मुताबिक, बारिश के कारण उनकी मेहनत से तैयार फसल को भारी नुकसान हुआ है.

तुलाई नहीं होने से किसानों की बढ़ी परेशानी

मंडी में धान की कुछ ढेरियों की सरकारी खरीद हो चुकी थी, लेकिन तुलाई नहीं होने के कारण फसल खुले में पड़ी रही. लगातार बारिश और जलभराव के चलते धान के दाने पानी के साथ बह गए. किसानों को अपनी आंखों के सामने फसल बर्बाद होते देखना पड़ा. मंडी में मौजूद किसान अपनी नुकसान हुई उपज को देखकर परेशान नजर आए.

पानी निकासी की व्यवस्था पर उठे सवाल

फाजिल्का शहर की अनाज मंडी में जलभराव ने पानी की निकासी की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. मंडी में ढाई से तीन फीट तक पानी जमा होने से धान की खरीद, तुलाई और रखरखाव प्रभावित हुआ. किसानों का कहना है कि यदि समय रहते पानी की निकासी की उचित व्यवस्था होती, तो फसल को इस स्तर पर नुकसान से बचाया जा सकता था.

किसान, आढ़ती और मजदूर भी प्रभावित

बारिश से हुए नुकसान का असर केवल किसानों तक सीमित नहीं है. मंडी में काम करने वाले आढ़ती और मजदूर भी इससे प्रभावित हुए हैं. धान की फसल खराब होने और मंडी में पानी भरने के कारण कृषि उपज के कारोबार पर असर पड़ा है.

प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग

मौजूदा हालात को देखते हुए प्रभावित किसानों और आढ़तियों को मुआवजा देने की मांग की गई है. साथ ही मंडी से तत्काल पानी निकालने और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए प्रभावी जल निकासी व्यवस्था करने की जरूरत बताई गई है. किसानों के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती बारिश से खराब हुई फसल के नुकसान की भरपाई और बची हुई उपज को सुरक्षित रखना है. (सुरेंद्र गोयल की रिपोर्ट)

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