
महाराष्ट्र के प्याज किसानों के लिए राहत की खबर सामने आई है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान कहा कि सरकार ने आज से NAFED के माध्यम से किसानों से 12.35 रुपये प्रति किलो की दर पर प्याज खरीदी शुरू की है. उन्होंने कहा कि उत्पादन बढ़ने और निर्यात से जुड़ी परिस्थितियों के कारण बाजार भाव पर असर पड़ा है. लेकिन किसानों को संकट में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा. महाराष्ट्र के सतारा में आयोजित प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण लाभार्थी सम्मेलन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खरीदी व्यवस्था को प्रभावी, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जाएगा, ताकि वास्तविक किसानों को सीधा लाभ मिल सके.
उन्होंने अधिकारियों को भी खरीदी प्रक्रिया पर सतर्क निगरानी रखने के निर्देश दिए. कार्यक्रम में मौजूद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी NAFED खरीदी फैसले का स्वागत किया और कहा कि इससे राज्य के प्याज उत्पादक किसानों को राहत मिलेगी. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गन्ना किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी बड़ा भरोसा दिया.
उन्होंने कहा कि केंद्र और महाराष्ट्र सरकार मिलकर गन्ना उत्पादकों की समस्याओं का समाधान निकालेंगी. इस विषय पर मुख्यमंत्री फडणवीस के साथ चर्चा हुई है और संबंधित मंत्रालयों के स्तर पर आवश्यक विमर्श कर व्यावहारिक रास्ता निकाला जाएगा. उन्होंने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था का आधार हैं और उनकी समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है.
शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के हित में केंद्र सरकार की अन्य योजनाओं और फैसलों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि MSP में हालिया बढ़ोतरी, तिलहन-दलहन खरीदी, कपास मिशन, फार्मर आईडी और ग्रामीण आधारभूत ढांचे के विस्तार जैसे कदम किसानों और ग्रामीण गरीबों के कल्याण के लिए उठाए जा रहे हैं.
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने महाराष्ट्र को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 8,368.50 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता देने की घोषणा भी की. इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के तहत 122.98 करोड़ रुपये की 35 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनसे 35 ग्रामीण बसावटों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के सहयोग से महाराष्ट्र को रिकॉर्ड 30 लाख आवासों की स्वीकृति मिली है. राज्य सरकार का लक्ष्य बेघर-मुक्त महाराष्ट्र बनाना है और आने वाले समय में और अधिक परिवारों को आवास उपलब्ध कराए जाएंगे.