महाराष्‍ट्र में सूखे क्षेत्र का बढ़ेगा दायरा, मंडल स्‍तर पर होगा फसल नुकसान का सर्वे, पढ़ें डिटेल

महाराष्‍ट्र में सूखे क्षेत्र का बढ़ेगा दायरा, मंडल स्‍तर पर होगा फसल नुकसान का सर्वे, पढ़ें डिटेल

महाराष्ट्र में सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दायरा बढ़ सकता है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सूखे के तय मानकों से बाहर रह गए इलाकों में भी वास्तविक फसल नुकसान की जांच की जाएगी. इसके लिए मंडल स्तर तक सर्वे कराया जाएगा और नुकसान के आधार पर किसानों को राहत देने पर फैसला होगा.

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • Sep 30, 2026,
  • Updated Sep 30, 2026, 12:47 PM IST

महाराष्ट्र सरकार अब उन किसानों को भी राहत के दायरे में लाने की तैयारी कर रही है, जिनकी फसल को नुकसान हुआ है, लेकिन उनका क्षेत्र निर्धारित सूखा मानकों में शामिल नहीं हो पाया. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि फसल नुकसान का आकलन अब मंडल यानी रेवेन्‍यू सर्किल स्तर तक कराया जाएगा, ताकि वास्तविक नुकसान वाले किसानों को सहायता से वंचित न रहना पड़े.

265 तालुके पहले ही सूखा प्रभावित

राज्य सरकार ने महाराष्ट्र के 358 में से 265 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया है. यह राज्य के करीब 74 फीसदी हिस्से के बराबर है. इन क्षेत्रों में फसल नुकसान के पंचनामे और सर्वे के आधार पर किसानों को मिलने वाली आर्थिक सहायता तय की जाएगी. राज्‍य सरकार के मुताबिक, कई इलाकों में फसलें प्रभावित हुई हैं, लेकिन वे तय सूखा मानकों को पूरा नहीं कर सके.

कैबिनेट में मंत्रियों ने उठाया मुद्दा

देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि कैबिनेट बैठक में कई मंत्रियों ने ऐसे इलाकों का मुद्दा उठाया, जहां फसलों को नुकसान हुआ है, लेकिन निर्धारित मानकों के कारण उन्हें सूखा प्रभावित सूची में जगह नहीं मिली. मंत्रियों ने इन क्षेत्रों के किसानों के लिए भी आर्थिक सहायता की मांग की थी. इसके बाद सरकार ने ऐसे मामलों की अलग से जांच कराने का फैसला किया है.

बारिश का बदला पैटर्न बना चुनौती

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल मौसम की स्थिति सामान्य नहीं रही. सीजन के शुरुआती दो महीनों में भारी बारिश हुई, जबकि इसके बाद करीब दो महीने तक बारिश नहीं हुई. इस असमान बारिश के कारण कुछ इलाकों में फसलें प्रभावित हुईं और कई जगह नुकसान का आकलन सामान्य सूखा मानकों के आधार पर करना मुश्किल हुआ.

मंडल स्तर तक पहुंचेगा सर्वे

सीएम फडणवीस ने कहा कि ऐसे तालुकों में विस्तृत सर्वे कराया जाएगा और जरूरत पड़ने पर मंडल स्तर तक फसल नुकसान की स्थिति देखी जाएगी. वास्तविक नुकसान के आधार पर किसानों को सूखा राहत से जुड़े लाभ देने पर फैसला होगा. इस प्रक्रिया को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. साथ ही कैबिनेट की उपसमिति को अलग-अलग तालुकों की स्थिति की समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है.

पंचनामे की जानकारी किसानों को मिलेगी

मुख्यमंत्री ने फसल नुकसान के पंचनामे को लेकर भी अधिकारियों को स्पष्ट दिशा देने की बात कही. उन्होंने कहा कि किसानों को यह जानकारी मिलनी चाहिए कि उनके खेत और फसल नुकसान के बारे में पंचनामे में क्या दर्ज किया गया है. अगर सर्वे के समय किसान मौजूद नहीं थे तो ऐसे मामलों पर कैबिनेट की उप समिति उचित निर्णय लेगी. (पीटीआई)

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