ड‍िप्‍टी CM एकनाथ शिंदे ने लिया फसलाें का जायजा, किसानों से बोले- संकट बड़ा है तो मदद भी बड़ी होगी

ड‍िप्‍टी CM एकनाथ शिंदे ने लिया फसलाें का जायजा, किसानों से बोले- संकट बड़ा है तो मदद भी बड़ी होगी

महाराष्ट्र के अकोला और बुलढाणा में बारिश के लंबे अंतराल से सोयाबीन किसानों की परेशानी बढ़ गई है. उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने खेतों में पहुंचकर फसलों का जायजा लिया और किसानों से उनकी समस्याएं सुनीं. शिंदे ने कहा कि किसानों पर संकट बड़ा है, इसलिए सरकार भी बड़ी मदद करेगी.

Eknath Shinde meets vidarbh farmersEknath Shinde meets vidarbh farmers
धनंजय साबले
  • Akola,
  • Sep 24, 2026,
  • Updated Sep 24, 2026, 11:34 AM IST

महाराष्ट्र के विदर्भ में बारिश के लंबे अंतराल ने सोयाबीन किसानों की चिंता बढ़ा दी है. अकोला और बुलढाणा जिले में कई खेतों में सोयाबीन की फसल खड़ी है, लेकिन किसानों के मुताबिक फलियों में दाना पूरी तरह नहीं भर रहा है. इससे इस सीजन उत्पादन में कमी की आशंका जताई जा रही है. इसी स्थिति का जायजा लेने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अकोला और बुलढाणा के खेतों में पहुंचे. उन्होंने किसानों से सीधे बातचीत की और सोयाबीन की फसल की स्थिति देखी. किसानों ने उन्हें बारिश की कमी और खेती पर बढ़ते खर्च की जानकारी दी.

डिप्‍टी CM ने किसानों को मदद का भरोसा दिया

किसानों की समस्याएं सुनने के बाद एकनाथ शिंदे ने आज तक से बातचीत में कहा कि इस साल किसानों के सामने बड़ा संकट है और सरकार भी बड़ी मदद करेगी. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के खेतों तक पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रही है और उनकी स्थिति को खुद देख रही है. शिंदे ने दशहरा और दिवाली से पहले किसानों को राहत का भरोसा भी दिया. उन्होंने कहा कि किसानों की दशहरा-दिवाली काली नहीं होने दी जाएगी और सरकार उनकी मदद के लिए खड़ी है.

किसानों को 50 दिन से बारिश का इंतजार

अकोला-बुलढाणा के किसानों के मुताबिक कई इलाकों में लंबे समय से पर्याप्त बारिश नहीं हुई है. किसानों का कहना है कि करीब 50 दिन से बारिश का इंतजार है. बारिश के अभाव में सोयाबीन के पौधों की बढ़वार प्रभावित हुई है और कई जगह फलियों में दाना भरने की स्थिति कमजोर है. किसानों ने बताया कि बीज, खाद, दवाइयों और मजदूरी पर पहले ही बड़ी रकम खर्च हो चुकी है. फसल की पैदावार घटने पर खेती की लागत निकालना और कर्ज चुकाना मुश्किल हो सकता है.

मंगलसूत्र गिरवी रखकर खेती में लगाया पैसा

अकोला के व्याला गांव में किसान ने उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सामने अपनी आर्थिक परेशानी बताई. किसान ने कहा कि खेती के लिए बैंक से कर्ज लिया था, लेकिन खेती के दूसरे खर्चों के लिए पैसे नहीं थे. किसान ने बताया कि खेती के लिए पैसे जुटाने के लिए उनकी पत्नी का मंगलसूत्र तक गिरवी रखना पड़ा. बारिश नहीं होने से फसल प्रभावित हुई और अब परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. अपनी स्थिति बताते हुए किसान भावुक हो गए.

फसल खराब होने के साथ कर्ज चुकाने की चिंता

किसानों ने बताया कि फसल में लाखों रुपये लगाने के बाद अब उत्पादन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. पैदावार कम होने पर आमदनी घटेगी, जबकि बैंक और निजी कर्ज चुकाने का दबाव बना रहेगा. किसानों का कहना है कि दशहरा और दिवाली जैसे त्योहार सामने हैं, लेकिन फसल खराब होने की स्थिति में परिवार का खर्च चलाना और त्योहार मनाना भी चुनौती बन सकता है.

MORE NEWS

Read more!