
बिहार में गन्ना किसानों के भुगतान को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. गन्ना उद्योग विभाग ने जानकारी दी है कि चीनी मिलों ने पेराई सत्र 2025-26 के दौरान किसानों से खरीदे गए गन्ने का ज्यादातर भुगतान कर दिया है. गन्ना उद्योग विभाग की सख्ती और लगातार निगरानी के चलते किसानों को समय पर पैसा दिलाने की प्रक्रिया में तेजी आई है. विभाग के अनुसार, अब तक कुल दी जाने वाली राशि का 99.14 फीसदी भुगतान किसानों के खातों में पहुंच चुका है, जबकि बकाया राशि जारी करने की कार्रवाई भी जारी है.
गन्ना उद्योग विभाग ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि राज्य में संचालित 10 चीनी मिलों ने 9 अप्रैल 2026 तक किसानों से कुल 572.66 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की थी. इस गन्ने के एवज में किसानों को कुल 213783.58 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना था. विभाग ने गन्ना खरीद शुरू होते ही सभी चीनी मिलों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि किसानों के भुगतान में देरी नहीं होनी चाहिए.
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, कुल देय राशि में से अब तक 211481.43 करोड़ रुपये किसानों को जारी किए जा चुके हैं. यह कुल भुगतान का 99.14 फीसदी हिस्सा है. अधिकारियों का कहना है कि भुगतान प्रक्रिया की नियमित समीक्षा की गई और मिलों से लगातार रिपोर्ट ली जाती रही. इसी वजह से बड़ी संख्या में किसानों का भुगतान तय समय में पूरा हो सका.
गन्ना उद्योग विभाग ने बताया कि भुगतान व्यवस्था को लेकर पूरे पेराई सत्र के दौरान लगातार मॉनिटरिंग की गई. विभाग की ओर से चीनी मिल संचालकों को समय-समय पर निर्देश दिए जाते रहे, ताकि किसानों को आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े. अधिकारियों का कहना है कि मिल प्रबंधन ने भी भुगतान प्रक्रिया में सक्रियता दिखाई, जिससे बकाया राशि तेजी से जारी हो सकी.
विभाग के अनुसार, जिन किसानों का भुगतान अभी बाकी है, उन्हें भी जल्द राशि जारी करने की प्रक्रिया चल रही है. सरकार की कोशिश है कि गन्ना किसानों को उनकी पूरी रकम समय पर मिले, ताकि खेती से जुड़े अगले कामों पर इसका असर न पड़े.
मालूम हो कि राज्य सरकार बिहार में बंद पड़ी चीनी मिलों को चालू करने जा रही है. इसके लिए तेजी से काम चल रहा है. सरकार की योजना है कि इन मिलों को फिर से चालू कर लोगों को राज्य में ही रोजगार के अवसर मिले और उन्हें अन्य राज्यों में पलायन न करना पड़े.