
बिहार में बीते दिनों हुई बेमौसम बारिश की वजह से रबी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है. अब राज्य के किसानों की नजर सरकार की ओर टिकी हुई है कि कृषि विभाग बर्बाद फसलों की क्षतिपूर्ति की राशि जल्द जारी करे. वहीं, कृषि विभाग के मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा है कि मार्च 2026 के तीसरे और चौथे सप्ताह में राज्य के विभिन्न जिलों में आए आंधी-तूफान, असामयिक बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का व्यापक आकलन कराया जा रहा है. इस संबंध में संबंधित जिलों के जिला कृषि पदाधिकारियों द्वारा क्षति संबंधी आवेदन विभाग को भेज दिए गए हैं.
कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने बताया कि अब तक राज्य के 36 जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर 12 जिलों में फसलों को अधिक नुकसान पहुंचा है, जिसमें सहरसा, मुजफ्फरपुर, अररिया, बेगूसराय, मधुबनी, पूर्णिया, खगड़िया, किशनगंज, मधेपुरा, दरभंगा, सुपौल और भागलपुर के कुल 111 प्रखंडों में शामिल है. इन क्षेत्रों में लगभग 2,06,658.12 हेक्टेयर में लगे गेहूं, मक्का, दलहन, तिलहन सहित अन्य फसलों को 33 प्रतिशत या उससे अधिक क्षति होने का आकलन किया गया है. आगे कृषि मंत्री ने बताया कि प्रभावित किसानों को नियमानुसार फसल क्षतिपूर्ति की सहायता राशि जल्द उपलब्ध कराई जाएगी. राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और राहत देने के लिए सभी प्रशासनिक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं.
कृषि मंत्री यादव ने कहा कि बिहार सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को हरसंभव सहायता दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. आगे उन्होंने स्पष्ट किया कि फसल क्षतिपूर्ति के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी, क्योंकि सरकार का मानना है कि सरकारी खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है. वहीं, कृषि मंत्री ने प्रभावित किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार उनके नुकसान की भरपाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जल्द ही राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि किसान एक बार फिर निश्चिंत होकर खेती कर सके.
मार्च के तीसरे सप्ताह में देश सहित बिहार में भी आंधी-तूफान के साथ बेमौसम बारिश की वजह से फसलों, विशेष तौर से गेहूं, मक्का, दलहन, तिलहन सहित अन्य फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है. इसके बाद से राज्य के किसानों में काफी मायूसी देखने को मिल रही है. वहीं फसलों के अलावा बागवानी के क्षेत्र में आम और अन्य फलदार फसलों पर असर देखने को मिला है.