
बीते दिनों बिहार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की, जहां उन्होंने बिहार के लिए खेती के परिप्रेक्ष्य में विशेष पैकेज की मांग की. कृषि क्षेत्र के समग्र विकास और किसानों की आय वृद्धि के लिए विशेष केंद्रीय सहायता देने का अनुरोध किया. साथ ही उन्होंने बिहार में कृषि से संबंधित प्रमुख मांगों को लेकर एक विस्तृत अनुरोध पत्र भी सौंपा.
बता दें कि 1 अप्रैल को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में नई दिल्ली में हुई बैठक में राज्य के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव शामिल हुए थे, जहां उन्होंने कृषि को लेकर विशेष पैकेज की मांग की. वहीं, केंद्रीय कृषि मंत्री की ओर से राज्य की आवश्यकता को देखते हुए विशेष कृषि विकास पैकेज देने का आश्वासन दिया गया है.
कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से बिहार को दलहन और तिलहन उत्पादन के लिए प्राथमिक राज्य के रूप में शामिल करने का अनुरोध किया. वहीं, केंद्रीय योजनाओं के तहत अतिरिक्त सहायता देने की भी मांग की. विशेष रूप से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के अंतर्गत बिहार को अतिरिक्त सहायता देने का आग्रह किया.
अभी हाल में सरकार ने ऐलान किया कि बिहार में पहली बार एमएसपी पर मसूर की खरीद की जाएगी. नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NAFED) इस रबी सीजन में लगभग 32,000 मीट्रिक टन मसूर दाल, सरकार की ओर से तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 7,000 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदने की तैयारी कर रहा है.
यह पहली बार है जब केंद्रीय खरीद एजेंसी राज्य के खेतों से सीधे MSP पर मसूर दाल खरीदेगी. अब तक, बिहार में केवल धान और गेहूं को ही इस तरह की पक्की खरीद का फायदा मिलता था. यह कदम केंद्र सरकार से मिली तुरंत मंजूरी के बाद उठाया गया है. राज्य ने 11 फरवरी को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक के दौरान इस मामले में दखल की मांग की थी.
कृषि मंत्री ने बिहार में पहली बार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मसूर की खरीद की स्वीकृति देने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री का आभार व्यक्त किया. वहीं, उन्होंने बिहार में चना, सरसों और अन्य तिलहन फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू करने का अनुरोध किया. इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री को बताया कि राज्य में 47 लाख से अधिक किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है और आगे भी फार्मर आईडी बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है. इसके अतिरिक्त उन्होंने राज्य में उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर भी जानकारी दी.