निराश्रित गोवंशों के लिए भूसा दान पर बरेली की बीएसए डॉ. विनीता ने दी सफाई, जानें पूरा मामला

निराश्रित गोवंशों के लिए भूसा दान पर बरेली की बीएसए डॉ. विनीता ने दी सफाई, जानें पूरा मामला

Bareilly News: बीएसए डॉ. विनीता ने कहा कि 22मई 2026 को जारी पत्र में निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए भूसा दान की अपील की गई थी. यह कदम जीव-कल्याण के प्रति मानवीय संवेदना के तहत उठाया गया था, इसे किसी प्रकार के दबाव या आदेश के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए था.

कोई भी गोवंश सड़क पर बेसहारा न घूमे और उन्हें सुरक्षित वातावरण मिल सकेकोई भी गोवंश सड़क पर बेसहारा न घूमे और उन्हें सुरक्षित वातावरण मिल सके
क‍िसान तक
  • LUCKNOW,
  • May 29, 2026,
  • Updated May 29, 2026, 7:48 AM IST

निराश्रित गोवंशों के लिए भूसा दान को लेकर जारी किए गए पत्र पर बरेली की बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. विनीता ने कहा है कि यह किसी प्रकार का आदेश या दबाव नहीं, बल्कि लोकहित और जीव सेवा का स्वैच्छिक अभियान है. प्रदेश सरकार गो संरक्षण और निराश्रित गोवंश के पालन-पोषण को लेकर लगातार बड़े कदम उठा रही है. सनातन संस्कृति, लोक कल्याण और जनभागीदारी की भावना को केंद्र में रखकर चलाए जा रहे इस अभियान को अब समाज का भी व्यापक समर्थन मिलने लगा है.

किसी भी शिक्षक पर दबाव नहीं

बीएसए डॉ. विनीता ने कहा कि 22मई 2026 को जारी पत्र में निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए भूसा दान की अपील की गई थी. यह कदम जीव-कल्याण के प्रति मानवीय संवेदना के तहत उठाया गया था, इसे किसी प्रकार के दबाव या आदेश के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए था. मीडिया में इसे भावना के विपरीत दृष्टिकोण से पेश किया गया. इस पत्र में अब आंशिक संशोधन करते हुए स्पष्ट किया गया है कि यह पूरी तरह से स्वैच्छिक सहयोग है. इसमें किसी भी शिक्षक या अन्य स्टाफ पर किसी प्रकार की बाध्यता या दबाव नहीं है.

यह समाज और संस्कृति के संरक्षण से जुड़ा एक पुण्य कार्य

डॉ. विनीता ने मीडिया से अपील की कि इसे आदेश के रूप में न देखा जाए, बल्कि यह समाज और संस्कृति के संरक्षण से जुड़ा एक पुण्य कार्य है. हमारा मानना है कि गो-संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और जनकल्याण का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है. उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में गोशालाओं के निर्माण, निराश्रित गोवंशों के संरक्षण, चिकित्सा, चारा व आश्रय की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है. इसमें सरकार के साथ आमजन भी स्वेच्छा से जुड़ रहे हैं. उद्देश्य यही है कि कोई भी गोवंश सड़क पर बेसहारा न घूमे और उन्हें सुरक्षित वातावरण मिल सके.

गो संरक्षण अभियान में लोगों को किया जा रहा जागरूक

बीएसए ने कहा कि प्रदेशभर में गो संरक्षण अभियान के तहत गांवों और कस्बों में लोगों को जागरूक किया जा रहा है. प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्थानीय निकाय, ग्राम पंचायतें और सामाजिक संगठन भी इस मिशन में भागीदारी निभा रहे हैं. प्रयास है कि जन-सहयोग से गोवंश के लिए बेहतर आश्रय, भोजन और देखभाल की स्थायी व्यवस्था विकसित हो सके. यह अभियान किसी दबाव का नहीं, बल्कि संवेदना, संस्कृति और लोकहित का है, जिसमें समाज का हर वर्ग अपनी क्षमता के अनुसार भागीदारी निभा सकता है.

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