Murrah Buffalo: 15 बातों का रखें खास ख्याल, मुर्राह की प्योर नस्ल खरीदने में नहीं आएगी परेशानी 

Murrah Buffalo: 15 बातों का रखें खास ख्याल, मुर्राह की प्योर नस्ल खरीदने में नहीं आएगी परेशानी 

Murrah Buffalo मुर्राह भैंस का खानपान और देखभाल अच्छी तरह से की जाए तो दूध ज्यादा देने के साथ ही दूध भी क्वालिटी का होता है. आंध्रा प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु में भी मुर्राह भैंस की बहुत डिमांड है. दूसरी खास बात ये है कि मुर्राह नस्ल के ब्रीडर से स्थानीय नस्ल की भैंसों की नस्ल सुधार का काम भी किया जा रहा है.  

murrah buffalomurrah buffalo
नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Apr 20, 2026,
  • Updated Apr 20, 2026, 11:06 AM IST

मुर्राह सिर्फ पंजाब, हरियाणा और यूपी में ही नहीं पाली जा रही है. मुर्राह नस्ल की भैंस को अब देश के हर उस राज्य में पसंद किया जा रहा है जहां वो आसानी से पाली जा सकती है. कर्नाटक, तमिलनाडू, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना आदि राज्यों में भी मुर्राह को बहुत पसंद किया जा रहा है. डेयरी एकपर्ट का कहना है कि मुर्राह भैंस की डिमांड भारत में ही नहीं विदेशों में भी है. यही वजह है कि मुर्राह नस्ल को बुल्गारिया, फिलीपींस, मलेशिया, थाईलैंड, चीन, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, नेपाल, पूर्व यूएसएसआर, म्यांमार, वियतनाम, ब्राजील और श्रीलंका जैसे देशों में भी पाला जा रहा है. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो मुर्राह भैंस की ज्यादातर खरीद पंजाब और हरियाणा से होती है. 
पशुपालक किसी भी राज्य का हो, लेकिन मुर्राह भैंस खरीदने के लिए वो जाते पंजाब-हरियाणा ही हैं. लेकिन कई बार मुर्राह भैंस की खरीद-फरोख्त के दौरान धोखाधड़ी भी हो जाती है. प्योर नस्ल की मुर्राह की जगह कम दूध देने वाली मिक्स ब्रीड की भैंस बेच दी जाती है. लेकिन, अगर एक्सपर्ट के बताए कुछ टिप्स अपनाकर मुर्राह भैंस की खरीद की जाए तो फिर धोखाधड़ी की संभावनाएं न के बराबर ही रह जाती हैं.  

प्योर मुर्राह नस्ल की ऐसे करें पहचान

मुर्राह भैंस का रंग गहरा काला होता है. चेहरे और पैर के ऊपरी हिस्सों पर शायद ही कभी सफेद निशान हो सकते हैं, लेकिन ये कोई जरूरी नहीं कि सफेद रंग हो.

सींग दूसरी भैंसों से अलग छोटा, कड़ा, पीछे और ऊपर की ओर मुड़ता हुआ और अंदर की ओर मुड़ता हुआ होता है. सींग कुछ हद तक चपटे होते हैं. जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है सींग थोड़े ढीले हो जाते हैं लेकिन सर्पिल मोड़ बढ़ जाते हैं.

  1. मुर्राह भैंस की आंखें काली, सक्रिय और उभरी हुई होती हैं. भैंसे में थोड़ी सिकुड़ी हुई होती हैं. 
  2. पूंछ काली या सफेद (अधिकतम 6 इंच) फेटलॉक जोड़ तक पहुंचने वाली लंबी पूंछ होती है.
  3. भैंस में गर्दन लंबी और पतली होती है जबकि मेल भैंसे में मोटी और भारी गर्दन होती है.
  4. कान छोटे, पतले और सतर्क होते हैं.
  5. शरीर की लंबाई (सेमी में)
  6. भैंस- 148, मेल भैंसा- 150.
  7. वजन जन्मस के समय (किलो)-
  8. भैंस- 30, मेल भैंसा- 31.7
  9. वयस्क का वजन (किलो)
  10. भैंस- 350-700, मेल भैंसा- 400-800

मुर्राह भैंस का खानपान

एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि मुर्राह भैंस को रबी में बरसीम, जई और सरसों का हरा चारा खिलाया जा सकता है. खरीफ में बाजरा, ज्वार और क्लस्टर बीन खिलाए जा सकते हैं. खली और दूसरे मिक्चार के साथ गेहूं और दाल का भूसा भी दिया जाता है.

ये भी पढ़ें- Breed Production: OPU-IVF से मां बनेंगी सड़क-खेतों में घूमने वाली छुट्टा गाय

ये भी पढ़ें- Egg Production: पोल्ट्री फार्म में कैसे बढ़ेगा अंडा उत्पादन, पढ़ें पोल्ट्री एक्सपर्ट के 10 टिप्स

MORE NEWS

Read more!