Animal Husbandry and Fodder: चारा सेक्टर में किए ये 15 काम तो बढ़ेगा डेयरी और पशुपालन सेक्टर 

Animal Husbandry and Fodder: चारा सेक्टर में किए ये 15 काम तो बढ़ेगा डेयरी और पशुपालन सेक्टर 

Animal Husbandry and Fodder देश में इस वक्त हरे और सूखे चारे समेत मिनरल्स मिक्चर की कमी देखी जा रही है. साथ ही कई वजह से डेयरी की लागत भी बढ़ गई है. पशुपालकों का मुनाफा कम हो गया है. लागत बढ़ने और मुनाफा कम होने से किसान पशुपालन छोड़ रहे हैं. लेकिन एक्सपर्ट के बताए टिप्स पर काम किया तो लागत कम होने के साथ ही मुनाफा भी बढ़ेगा.  

पशुओं को खिलाएं ये हरा चारापशुओं को खिलाएं ये हरा चारा
नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • May 01, 2026,
  • Updated May 01, 2026, 3:44 PM IST

दूध उत्पादन में देश नंबर वन है. गाय-भैंस और बकरी सभी का मिलाकर दूध उत्पादन 24 करोड़ टन से ज्यादा हो चुका है. लेकिन सवाल ये है कि इसके बाद भी डेयरी और पशुपालन सेक्टर नंबर वन जैसी रफ्तार नहीं पकड़ पा रहे हैं. डेयरी प्रोडक्ट एक्सपोर्ट भी नाम मात्र का ही है. वहीं पशुपालक भी परेशान हैं कि उन्हें अच्छा मुनाफा नहीं मिल रहा है. जिसके चलते उनकी अगली पीढ़ी पशुपालन को अपनाना नहीं चाहती है. इन्हीं सब परेशानियों को देखते हुए बीते कुछ वक्त पहले ही “फ्यूचर रोडमैप ऑफ इंडियन डेयरी सेक्टर” नाम से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. 

जहां डेयरी और पशुपालन की सबसे बड़ी परेशानी हरे चारे पर भी चर्चा हुई थी. 15 ऐसे टिप्स दिए गए जिससे पशुपालन के मुनाफे को बढ़ाया जा सकता है. इस दौरान एक्सपर्ट ने बताया था कि देश में तीनों तरह हरे-सूखे और मिनरल्स चारे की कमी 25 फीसद से भी ऊपर निकल गई है. यही वजह है कि दूध और उससे बने प्रोडक्ट महंगे होते जा रहे हैं. महंगे प्रोडक्ट की वजह से देश के डेयरी प्रोडक्ट, एक्सपर्ट मार्केट में अपनी जगह नहीं बना पा रहे हैं. 

ये हैं डेयरी लागत कम करने के एक्सपर्ट टिप्स 

डेयरी एक्सपर्ट का कहना है कि डेयरी में पशुओं के पोषण को वरीयता दी जानी चाहिए. उत्पादकता बढ़ाने पर काम होना चाहिए. चारे की कमी या फिर इमरजेंसी के हालात में लगातार चारे की सप्लाई बनी रहे इसके लिए क्षेत्रीय चारा बैंक और स्टोरेज गोदाम स्थापित करने चाहिए. क्वालिटी के चारे और बीजों की सप्लाई में सुधार के लिए राज्यवार योजनाएं बननी चाहिए. इंपोर्ट को कम करते हुए बरसीम जैसे फलीदार बीजों की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दें. नॉन फारेस्ट बंजर जमीन, चरागाह भूमि और सामुदायिक भूमि का इस्तेमाल हरे चारे की खेती के लिए करना चाहिए. 

पशुपालन के लिए चारे पर करने होंगे ये काम  

  • चारा बीज प्रोसेसिंग और स्टो‍रेज के लिए सुविधाओं को बढ़ाया जाए. 
  • ज्यादा पोषण मूल्य वाली चारा फसलों के विकास और मीथेन उत्सर्जन को कम करने की जरूरत है.
  • ज्या दा चारा करने वाले क्षेत्रों से कम चारे वाले क्षेत्रों में चारे के लिए ट्रांसपोर्ट पॉलिसी बनाई जाए. 
  • फसल के अवशेष के ब्लॉक, गांठ, टीएमआर और छर्रों आदि के ट्रांसपोर्ट के लिए प्रोत्साहन दें.
  • दूध उत्पादन दक्षता में सुधार के लिए सटीक फीडिंग विधियों पर काम हो. 
  • रेडी-टू-ईट टोटल मिक्चर रोशन में निवेश करें.
  • क्वाउलिटी के फीड उत्पादन सुनिश्चित करने और दूषित पदार्थों को कंट्रोल करने के लिए नियम बनें.  
  • चारा प्लस एफपीओ का लाभ उठायां और एक मॉडल की तरह पेश कर दूसरों को प्रोत्साहित करें.  
  • डेटाबेस मैनेजमेंट और सूचना एक्सचेंज करने के लिए राष्ट्रीय या क्षेत्रीय चारा ऑनलाइन प्लेटफार्म बने. 

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