
सभी जानते हैं कि बरसात के दिनों में हरे चारे का भरपूर उत्पादन होता है. पशुओं को भरपूर चारा खिलाने के बाद भी खूब बचता है. बचता इसलिए भी है कि सीधे तौर पर बरसाती हरा चारा पशुओं को नहीं खिलाया जाता है. वहीं बरसात के दिनों में होने वाले हरे चारे को स्टोर करना भी मुश्किल होता है. क्योंकि बिना सुखाए रखा तो खराब हो जाता है, और बारिश में चारे को सुखाना और मुश्किल काम होता है. क्योंकि उसमे भरपूर नमी होती है. फोडर एक्सपर्ट की मानें तो नमी वाले चारे का साइलेज भी नहीं बनाया जा सकता है.
वजह वही की चारा सूखेगा कैसे. लेकिन केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (सीआईआरजी), मथुरा द्वारा तैयार सोलर शेड में हरा चारा सुखाना आसान है. वैसे तो इस शेड को खासतौर पर विपरीत मौसम में बकरी के बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए इस शेड को तैयार किया गया है. लेकिन इसी शेड में हरा चारा भी सुखाया जाता है. ये शेड इतना बड़ा है कि इसमे एक बार में करीब 40 बच्चे इस शेड के अंदर आ जाते हैं.
सीआईआरजी के साइंटिस्ट की मानें तो सोलर की मदद से चलने वाला ये खास शेड हरे चारे का साइलेज बनाने में भी मदद करता है. जैसे बरसात के दिनों में हरा चारा बहुत होता है. लेकिन उसके अंदर नमी बहुत ज्यादा होती है, इसलिए उसे साइलेज या हे बनाकर नहीं रखा जा सकता है. और सुखाने की बात करें तो बरसात में हरे चारे को सुखाना बहुत ही मुश्किल हो जाता है.
इसलिए इस खास सोलर ड्रॉयर का इस्तेमाल बरसात के दिनों में हरा चारा सुखाने में भी किया जा सकता है. और जैसे ही सर्दी शुरू हों तो बकरियों को सूखा हुआ चारा खिलाया जा सकता है. इसके चलते बाजार से महंगा हरा चारा भी नहीं खरीदना पड़ेगा.
विपरीत मौसम में गर्मी पैदा करने के लिए सोलर ड्रायर विंटर प्रोटेक्शन सिस्टम तैयार किया गया है. ये दोहरे काम करता है. ट्रॉयल के तौर पर हमने इस सिस्टम को लोहे की जाली के ऊपर बनाया है. जाली के पीछे प्लास्टिक की शीट्स लगाई गई हैं. इसके पीछे कुशन के पैनल लगाए गए हैं. इस तरह बाहर की ठंडी हवा अंदर शेड में नहीं आती है. अंदर गर्मी पैदा करने के लिए कुछ ज्यादा वॉट्स की लाइट लगाई जाती हैं.
ऐसा सब करने से शेड के अंदर घुटन न हो इसके लिए एक एग्जॉस्ट फैन लगा दिया गया है. शेड में बिजली की सप्लाई बराबर बनी रहे इसके लिए सोलर पैनल का इस्तेमाल किया गया है. ऐसा करने से बच्चे बाहर के ठंडे मौसम से बच जाते हैं.
ये भी पढ़ें:
Milk Production: गाय-भैंस के बच्चा देने के बाद इन 5 कारणों से कम हो सकता है दूध उत्पादन
EL-Nino: डेयरी-पशुपालन पर बढ़ा अल नीनो का खतरा, कम हो सकता है दूध उत्पादन!