Animal Feed in Summer: गाय-भैंस को नुकसान पहुंचा रहा है नया भूसा, ये है खि‍लाने का एक्सपर्ट तरीका 

Animal Feed in Summer: गाय-भैंस को नुकसान पहुंचा रहा है नया भूसा, ये है खि‍लाने का एक्सपर्ट तरीका 

Animal Feed in Summer जैसे बरसात के दौरान पशुओं को ज्यादा हरा चारा नहीं खिलाया जाता है उसी तरह से पशुओं को नया भूसा भी एक साथ बड़ी मात्रा में नहीं दिया जाना चाहिए. उसे देने का एक तरीका है जिसके बारे में यहां बताया जा रहा है. अगर नया भूसा खि‍लाने में लापरवाही होती है तो उसकी सीधा असर दूध उत्पादन पर पड़ता है. 

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नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Apr 23, 2026,
  • Updated Apr 23, 2026, 1:31 PM IST

बाजार में इस वक्त भरपूर भूसा आ रहा है. कई जगह पर भूसे को तूड़ी भी कहा जाता है. क्योंकि अभी गेहूं की कटाई हो रही है और बहुत सारी जगह पर तो पूरी भी हो चुकी है. इसलिए सस्ती होने के चलते भी बहुत सारे पशुपालक नया भूसा खरीद रहे हैं. वहीं कुछ ऐसे भी पशुपालक हैं जिन्होंने अभी गेहूं काटा है तो उनके घर में भरपूर भूसा है. ऐसे पशुपालक पशुओं को खूब भूसा खि‍ला रहे हैं. यही वजह है कि आजकल पशुओं को पेट दर्द, दस्त और दूध उत्पादन होने की शि‍कायतें ज्यादा आ रही हैं. 

ये सब नए भूसे की वजह से ही हो रहा है. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो नया भूसा अपने साथ कुछ बीमारियां भी लाता है. अगर कुछ जरूरी टिप्स अपनाकर नया भूसा पशुओं को नहीं खि‍लाया गया तो गाय-भैंस हो या फिर भेड़-बकरी उन्हें कई तरह की गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं. इसमे जो सबसे आम बीमारी है वो पाचन संबंधी कब्ज और दस्त लगने की है. 

पशुओं को ऐसे खि‍लाएं नया भूसा 

  • नए भूसे के साथ पुराने भूसे को मिलाकर खि‍लाएं.
  • नया भूसा कम से कम दो दिन सुखाने के बाद ही खि‍लाएं.
  • नए भूसे पर पानी और नमक का छिड़काव करने के बाद खि‍लाएं.
  • नमक और पानी से नया भूसा नरम यानि मुलायम हो जाता है. 
  • नया भूसा खि‍लाते वक्त गुड या पाचन चूरन खि‍लाते सकते हैं.
  • नया भूसा खि‍लाते वक्त उसमे हरा चारा मिला लें. 
  • नया भूसा एकदम से पशु आहार में शामिल ना करें. 
  • नया भूसे की मात्रा धीरे-धीरे सात से दस दिनों में पशुओं की खुराक में बढ़ाते रहें. 
  • शुरुआत में पुराने भूसा की मात्रा ज्यादा रखें और धीरे-धीरे नये भूसा की मात्रा बढ़ाते जाएं. 
  • नये भूसे को छान कर कुछ घंटे भिगो कर भी रख सकते हैं. ऐसा करने से पशु आसानी से पचा लेगा.  
  • नया भूसा खि‍लाते वक्त पशुओं को सेंधा नमक, हरड़, हींग भी खिला सकते हैं. 
  • पशु का पाचन बढ़ाने के लिए प्रोबायोटिक जैसे यीस्ट कल्चर आदि चाटने के लिए दे सकते हैं.
  • पशु चिकित्सक की सलाह से पशु को कब्ज सही करने के लिए अरंडी का तेल, पैराफीन, अलसी का तेल पिला सकते हैं.

नए भूसे से होती हैं ये परेशानी 

एनिमल एक्सपर्ट डॉ. दिनेश गुलिया का कहना है कि नया भूसा ज्यादा खि‍लाने पर पशुओं को कई तरह की परेशानी होने लगती हैं. जैसे खाना हजम करने में परेशानी होती है. पेट फूलना और बदहजमी होने लगती है. पशुओं को दस्त हो जाते हैं और पेट में मरोड़ उठने लगते हैं. वहीं सबसे बड़ा नुकसान ये होता है कि पशुओं का दूध उत्पादन भी कम हो जाता है. पशुपालकों को सलाह ये दी जाती है कि वो कम से कम 15 से 20 दिन पुराना भूसा ही पशुओं को खि‍लाएं. 

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