‘दूध पर 5 रुपये का बोनस बंद, किसान परेशान…’ अशोक गहलोत ने बीजेपी सरकार पर लगाए आरोप

‘दूध पर 5 रुपये का बोनस बंद, किसान परेशान…’ अशोक गहलोत ने बीजेपी सरकार पर लगाए आरोप

राजस्थान में दूध उत्पादकों को मिलने वाले 5 रुपये प्रति लीटर बोनस को लेकर सियासत तेज हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर योजना बंद करने का आरोप लगाया और कहा कि इससे पशुपालकों और किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है. सरकार से योजना बहाल करने की मांग भी उठाई गई.

Ashok Gehlot and Bhajan Lal Sharma- File PhotoAshok Gehlot and Bhajan Lal Sharma- File Photo
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jun 03, 2026,
  • Updated Jun 03, 2026, 8:07 PM IST

राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर किसानों और पशुपालकों से जुड़ी योजनाओं को लेकर टकराव तेज हो गया है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत दूध उत्पादकों को मिलने वाला 5 रुपये प्रति लीटर का अतिरिक्त प्रोत्साहन चुपचाप बंद कर दिया है. गहलोत ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान शुरू की गई यह सहायता राशि सीधे पशुपालकों को राहत देने के उद्देश्य से लागू की गई थी. उन्‍होंने कहा कि योजना बंद होने से राज्य के हजारों पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है. गहलोत ने कहा कि चुनाव के दौरान भी उन्होंने पशुपालकों से कहा था कि बीजेपी सत्‍ता में आई तो वह इस योजना को बंद कर देगी.

सरकार से योजना बहाल करने की मांग

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में किसान और पशुपालक दोनों वर्ग चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. उन्होंने सरकार से मांग की कि दूध पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को जल्द बहाल किया जाए, ताकि पशुपालकों को राहत मिल सके. इस मामले में राज्य सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई.

पानी मांगने पर ग्रामीणों पर केस का आरोप

वहीं, पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने जोधपुर जिले के धुंधाड़ा गांव से जुड़े एक अन्य मामले को भी उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीणों ने पेयजल संकट को लेकर अपनी मांग रखी थी, लेकिन समाधान निकालने के बजाय संबंधित विभाग ने सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज कर दिया.  गहलोत ने कहा कि लोगों की बुनियादी जरूरतों से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन का रवैया जवाबदेही वाला होना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि मांग उठाने वालों पर कार्रवाई किया जाना सरकार के कामकाज के तरीके पर सवाल खड़े करता है.

राजस्थान में बदलेगा मौसम

इधर, राजस्थान में तेज गर्मी का असर अभी बना हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम करवट ले सकता है. मौसम विभाग ने राज्य के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई है. ऐसे में लगातार बढ़ते तापमान के बीच लोगों को आंशिक राहत मिलने के संकेत दिखाई दे रहे हैं.

बुधवार को राजस्थान के कई जिलों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया. सबसे ज्यादा गर्मी जैसलमेर में रही, जहां अधिकतम तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. इसके अलावा बीकानेर में 43.6 डिग्री, श्रीगंगानगर में 43.3 डिग्री और फलोदी में 42.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

पश्चिमी राजस्थान में गर्म हवाओं का असर

राज्य के पश्चिमी हिस्सों में गर्मी का प्रभाव ज्यादा देखने को मिला. बाड़मेर और जोधपुर शहर में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ाई, जबकि शाम के समय भी कई इलाकों में राहत सीमित रही.

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में राज्य के कुछ क्षेत्रों में बादल छाने, गरज के साथ बारिश और स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है. इससे तापमान में कुछ गिरावट आने की संभावना जताई गई है. तेज गर्मी के बीच लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी जा रही है. वहीं किसानों को मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए खेतों से जुड़े कामों की योजना स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार करने की जरूरत बताई गई है. 
​​​(पीटीआई)​

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