
महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में सूखे जैसे हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने पशुओं के चारे की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सख्ती शुरू कर दी है. प्रशासन ने चारे को जिले से बाहर ले जाने पर रोक लगाई है. इसी बीच, आदेश का उल्लंघन कर चारा बाहर ले जा रहे दो वाहन को जब्त किया गया है. इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत केस दर्ज किया है.
यह कार्रवाई हदगांव तहसील के बामनी फाटा इलाके में मामीडवार पेट्रोल पंप के पास की गई. प्रशासन को सूचना मिली थी कि दो वाहन में सोयाबीन के चारे को जिले से बाहर ले जाया जा रहा है. सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और दोनों वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की.
जानकारी के मुताबिक, नांदेड़ जिले में चारे की कमी की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने इसकी दूसरे जिलों में ढुलाई पर प्रतिबंध लगाया है. अधिकारियों को बताया गया था कि नागपुर-तुलजापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बामनी फाटा के रास्ते दो वाहनों में चारा बाहर ले जाया जा रहा है. इसके बाद सब-डिविजनल ऑफिसर अविनाश कांबले और तहसीलदार सैयद उमर शेख के निर्देश पर संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए कहा गया. तहसीलदार सैयद उमर शेख को भी चारे की ढुलाई की जानकारी मिली थी. उन्होंने हदगांव के पशुधन विकास विभाग और मनाठा पुलिस से संपर्क किया.
इसके बाद तहसील पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिंदे और मनाठा पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों वाहन जब्त कर लिए. जब्त वाहनों के नंबर MH 04 LE 7306 और MH 12 NX 8266 बताए गए हैं. मामले की आगे की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक राष्ट्रपाल लोखंडे कर रहे हैं.
नांदेड़ के जिला अधिकारी डॉ. राहुल कर्डिले ने कहा है कि सूखे जैसे हालात में पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है. जिले से बाहर चारा ले जाने संबंधी आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने किसानों से भी अपील की है कि जिनके पास चारा उपलब्ध है, वे उसे अपने खेतों में सुरक्षित रखें. अगर किसी को चारा चोरी करके जिले से बाहर ले जाने की जानकारी मिलती है, तो वह जिला प्रशासन को सूचित करे. जिले में सूखे के कारण पशुओं के लिए चारे की संभावित कमी को देखते हुए प्रशासन निगरानी बढ़ा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि चारे की उपलब्धता बनाए रखने और स्थिति को गंभीर होने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.